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एडिलेड: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए सीरीज के पहले मैच में 96 गेंद में 51 रन की पारी खेली थी। टीम इंडिया ने रोहित शर्मा की 133 रन की शतकीय पारी के बावजूद मैच 34 रन के अंतर से गंवा दिया था। इसके बाद धोनी की 2019 विश्वकप के मद्देनजर फिनिशर के रूप में भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। लेकिन धोनी ने इसके तीन दिन बाद ही आलोचकों को 54 गेंद पर 55 रन की धमाकेदार पारी खेलकर करारा जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने 2 छक्के जड़े और अपने चिर परिचित अंदाज में छक्का जड़कर मैच में बराबरी कराई। उनकी पारी को देखकर टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से स्टेडियम के साथ-साथ टीवी सेट्स के सामने बैठे भारतीय दर्शकों के बीच खुशी की लहर चल पड़ी। 

धोनी का ये रंग प्रशंसकों को 2 साल बाद देखने को मिला है। साल 2016 के बाद धोनी पहली बार रनों का पीछा करते हुए 90 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते दिखे( जिन पारियों में उन्होंने 15 या उससे ज्यादा गेंद खेली)। अंत में विजयी रन के साथ धोनी का मैच में स्ट्राइक रेट 101.85 का हो गया। 

इस से पहले आखिरी बार धोनी किसी टीम के खिलाफ रनों का पीछा करते हुए 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए साल 2015 में सिडनी में दिखे थे। साल 2015 के विश्वकप सेमीफाइनल के इस मुकाबले में धोनी ने 65 गेंद में 65 रन की पारी खेली थी। इसके बाद से उनका बल्ला अपना रंग में दिखाई नहीं दिया था। लेकिन 2019 विश्वकप से पहले उनके बल्ले पर लगी जंग अब हट गई है। दो मैचों में 2 अर्धशतक इस बात की तस्दीक करते हैं। 


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