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अगले साल बुर्ज खलीफा से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ताज छिनना तय है जो 828 मीटर ऊंची है। दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने के लिए पश्चिम एशिया के दो टॉवर्स में जंग छिड़ गई है। दोनों ही टॉवर्स साल 2020 से पहले अपना निर्माण पूरा कर लेना चाहते हैं।

पहला टॉवर दुबई के ही क्रीक हार्बर में बन रहा 'द टॉवर' है जिसको 938 मीटर ऊंचा बनाने की तैयारी है। दुबई की बड़ी डेवलपर एम्मार प्रॉपर्टीज ने इस इमारत को बनाने का ऐलान किया था। इसे बनाने में करीब 65 अरब रुपए खर्च होंगे। दुबई की नई बिल्डिंग टॉवर के आकार में बन रही है। इसमें कई खासियतें भी जोड़ी जाएंगीं, जैसे कि घूमते गार्डेन, घूमती बालकनी आदि होंगे। इसे दुबई क्रीक के बीचोबीच बनाया जाएगा।

साल 2020 में सउदी अरब का 'जेदाह टावर' भी बन कर तैयार हो जाएगा। यह टॉवर दुबई में बन रहे 'दुबई क्रीक हॉर्बर टॉवर' से 72 मीटर और ऊंचा होगा। इसका मतलब है कि एक किलोमीटर से 8 मीटर और ऊंचा टॉवर। बता दें कि इसका निर्माण 2013 में शुरू हुआ था और तब इसे 'किंगडम टॉवर' नाम दिया गया था। 2018 में इसे बनकर तैयार होना था लेकिन अब ये दो साल की देरी से बनकर तैयार होगा। इस बिल्डिंग की ऊंचाई 3281 फीट होगी।

गौरतलब है कि बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग है जिसे बनने में 5 साल का वक्त लगा था। बिल्डिंग बनाने की शुरुआत जनवरी 2004 में हुई थी और अक्टूबर 2009 में पूरी बनकर तैयार हो गई थी। आधिकारिक रूप में इसे 4 जनवरी 2010 के दिन ही खोला गया था। एक अनुमान के मुताबिक इस इमारत को बनाने में करीब 1.5 अरब डॉलर का खर्चा आया था।


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