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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एजेंसी ने माना है कि उसके कुछ अधिकारी देश की सरकारी एयरलाइंस पीआइए के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से मानव तस्करी में लिप्त थे। गृह मंत्रालय ने एफआइए के उन 30 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जिन पर मानव तस्करी में लिप्त होने का संदेह है।

डॉन अखबार के अनुसार, एफआइए के महानिदेशक ने इस मामले की रिपोर्ट बुधवार को गृह मंत्रालय को सौंपी। इसमें बताया गया है कि ब्रिटेन के उच्चायोग से साल 2014 में शिकायत मिलने के बाद मानव तस्करी मामले की जांच की गई थी।

अखबार ने गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एक जनवरी, 2019 की रिपोर्ट में साफ तौर पर एफआइए की मानव तस्करी रोधी शाखा को इस बात के लिए दोषी ठहराया गया है कि उसने शिकायत मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत के अनुसार, 20 अफगान नागरिकों को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। उन्हें इस्लामाबाद के बेनजीर भुट्टो एयरपोर्ट से चोरी-छिपे ले जाया गया था।

इस तरह की गई थी मानव तस्करी रिपोर्ट में कहा गया है कि मिलीभगत के बिना पीआइए और एफआइए के आव्रजन स्टाफ के लिए मानव तस्करी करना संभव नहीं है। इसके लिए एफआइए के इस्लामाबाद जोन के तत्कालीन निदेशक को जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने मानव तस्करी को अंजाम दिए जाने के लिए उड़ानों की जांच जैसी कानूनी अड़चनों को दूर कर दिया था। एयरपोर्ट पर मानव तस्करी का नेटवर्क चल रहा था। अफगान नागरिकों को पाकिस्तान के फर्जी पासपोर्ट पर भेजा गया था।

 


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