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सिडनी: भारतीय क्रिकेट टीम भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज में जीत के करीब पहुंच गई है। मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया ने जीत हासिल कर सीरीज में 2-1 की अपराजेय बढ़त के साथ सिडनी पहुंची थी। ऐसे में उसके पास सीरीज जीत के लिए दो ही रास्ते थे या तो सिडनी टेस्ट बराबरी पर समाप्त हो जाए या टीम इंडिया मैच में जीत दर्ज कर सीरीज 3-1 से अपने नाम करे। इसके लिए भारतीय टीम ने अलग योजना के तहत काम किया और सिडनी टेस्ट के लिए पाकिस्तानी गेंदबाजों की मदद ली। 

यह बात जानकर शायद आपको यकीन न हो रहा हो लेकिन यह सच है कि सिडनी टेस्ट में तैयारी के लिए टीम इंडिया ने पाकिस्तान के तीन युवा गेंदबाजों सलमान इरशाद, हारिस राउफ और अब्बास बलोच की नेट्स में मदद ली। इन तीनों गेंदबाजों ने नेट्स में टीम इंडिया के बल्लेबाजों को जमकर अभ्यास करवाया। इसका फायदा भी टीम इंडिया को मैच में मिली। कंगारू पेस बैटरी का भारतीय बल्लेबाजों ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ी दिलेरी से सामना किया और पहली पारी में 7 विकेट पर 622 रन पर अपनी पारी घोषित की।

इस सबके पीछे टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर के मित्र संजीव दुबे हैं जो सिडनी में क्रिकेट अकादमी चलाते हैं। उन्होंने एक अखबार कश्मीर टाइम्स से बात करते हुए कहा, मेरा भारतीय टीम के साथ सीधे तौर पर कोई ताल्लुक नहीं है लेकिन ये एक दूसरा तरीका था जिससे में टीम इंडिया की मदद कर सकता था। कोई भी प्रोफेशनल टीम मैच वाले दिन उस तरह की तैयारी करती है जो परिस्थितियां उन्हें मैच के दौरान मिलती हैं। ऐसे में हैरिस और सलमान जैसे गेंदबाज जो लगातार 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं उन्होंने टीम इंडिया को नेट्स में अभ्यास कराया। वहीं आईएसएस में लाहौर कलंदर के मुखिया शमीन राणा ने कहा, हमारे गेंदबाजों के पास विराट कोहली जैसे बल्लेबाज के सामने गेंदबाजी करने का ये शानदार मौका था।


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