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नई दिल्‍ली : भूपेन हजारिका (Bhupen Hazarika) को सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्‍या पर भारत रत्‍न (Bharat Ratna) देने की घोषणा की थी, लेकिन अब उनके बेटे तेज हजारिका ने इसे लेने से इनकार किया है। उन्‍होंने इसकी वजह नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 को बताया है और कहा कि जब तक सरकार इसे वापस नहीं ले लेती, वह अपने पिता के लिए यह सम्‍मान ग्रहण नहीं करेंगे।

तेज हजारिका ने सोमवार को व्‍हाट्स एप पर बयान जारी कर पिता भूपेन हजारिका के लिए मरणोपरांत भारत रत्‍न स्‍वीकार करने से मना कर सभी को चौंका दिया था। बाद में 'टाइम्‍स नाउ' से बातचीत में उन्‍होंने कहा, 'यह बहुत बड़ा सम्‍मान है, लेकिन इसे लेने का सही वक्‍त अभी नहीं है।' उन्‍होंने जोर देकर कहा कि अगर उनके पिता जीवित होते तो उनकी भी यही राय होती।

तेज हजारिका ने टाइम्‍स नाउ से बातचीत के दौरान भी कमोबेश उन्‍हीं बातों को दोहराया, जो उन्‍होंने व्‍हाट्स एप बयान में कहा। उन्‍होंने नागरिकता संशोधन विधेयक को अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक बताया। उन्‍होंने कहा, 'यह धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक संरचना के खिलाफ है।'

उन्‍होंने जोर देकर कहा कि यह एक बड़ा अवॉर्ड है और वह खुश हैं कि उनके पिता को यह देने की घोषणा की गई। लेकिन उनका विरोध केवल अवॉर्ड के 'वक्‍त' को लेकर है। ऐसे में जबकि पूर्वोत्‍तर के ज्‍यादातर लोग इस विधेयक के खिलाफ हैं, वह पूर्वोत्‍तर में लोगों के बीच आदर्श के तौर पर पहचान कायम रखने वाले अपने पिता के लिए तब तक यह अवार्ड स्‍वीकार नहीं करेंगे, जब तक कि सरकार यह विधेयक वापस नहीं ले लेती।

उन्‍होंने यह भी कहा कि अब तक उन्‍हें इसके लिए कोई आमंत्रण पत्र नहीं मिला है, इसलिए इसमें अवॉर्ड को खारिज करने या स्‍वीकार करने जैसी कोई बात ही नहीं है। यहां उल्‍लेखनीय है कि तेज हजारिका ने पिता को भारत रत्‍न से नवाजे जाने की घोषणा किए जाने पर प्रतिक्रिया व्‍य


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