अतिक्रमण हटने से फिर सड़क पर फुटकर व्यवसायी

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज़)। बीते 2 दिनों से नगर पालिका परिषद द्वारा कालीपुतली क्षेत्र बसस्टैंड से लगे हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने का काम किया जा रहा है। इस अतिक्रमण हटाओ मुहिम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे है। ऐसे में काली पुतली चौक में बनी चौपाटी में जगह नहीं मिलने का मलाल इन अतिक्रमणकारियों में बहुत अधिक है। ज्ञात हो कि अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सोमवार से प्रारंभ की गई है आज सुबह फिर से यह कार्रवाई प्रारंभ की गई और नगर पालिका के अमले द्वारा काली पुतली चौक में व्याप्त अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की गई, इस कार्यवाही के चलते गार्डन के आसपास फुटपाथ पर दुकान लगा रहे डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों के दुकान पान ठेले हटा दिए गए। बसा बसाया व्यवसाय फिर हटाए जाने से फुटकर व्यवसाई में काफी आक्रोश व्याप्त हो गया। फुटकर व्यवसायियों ने इसको लेकर गुहार बालाघाट विधायक और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन से लगाई , साथ ही कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर से भी उन व्यवसायियों की तकलीफों पर ध्यान देते हुए उन्हें कम लागत में चौपाटी में स्थान दिए जाने की मांग की गई।
11 लाख रुपए चौपाटी के लिए देना उनके लिए संभव नहीं
अतिक्रमणकारियों ने बताया कि जैसे तैसे दो वक्त की रोटी रोटी चल रही थी आज अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकान हटा दी गई। अतिक्रमणकारियो ने बताया कि चौपाटी निर्माण के दौरान उनसे वादा किया गया था कि 60 से 70 हजार में दुकान मिल जाएगी उसके बाद किराया देना होगा, लेकिन 11 लाख रुपए में दुकान बेची जा रही है। यह उनके लिए संभव नहीं है।
500 तक कमाने वाला 11 लाख की दुकान कैसे लेगा – राजेश नेमा
फुटकर दुकानदार राजेश नेमा ने बताया कि वे काली पुतली चौक में चाट दुकान चलाकर जीविका चलाते हैं। ऐसा नहीं है कि हम चौपाटी में दुकान नहीं लेना चाहते, चौपाटी में दुकान होने से हमारे बाल बच्चों का भविष्य बनेगा। हम लोग यहां 1 दिन में 3 से 500 रुपए तक कमाते हैं ऐसे लोग 11 लाख की दुकान कैसे ले पाएंगे। कलेक्टर द्वारा हमको आश्वासन दिया गया था 60 से 70 हजार रुपए में दुकान देंगे, वही दुकान अब 11 लाख रुपए में मिल रही है। लॉक डाउन के बाद से फुटकर व्यवसाई वैसे भी परेशान हैं दुकान संचालन करने नहीं दिया गया तो ऐसा लगता है हमको तो भीख मांगना पड़ जाएगा।
लाखों रुपए होते तो फुटपाथ पर क्यों बैठते – किशोर सोनटेके
फुटकर दुकानदार किशोर सोनटेके ने बताया कि नगर पालिका के अमले द्वारा दुकानों को हटा तो दिया गया है लेकिन अब वे लोग दुकान कहां लगाए यह नहीं बताया गया। कलेक्टर द्वारा कहा गया था चौपाटी में दुकान बनेगी तो यहां दुकान लगाने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, अब सीधे 11 से 12 लाख रुपये रुपए लगने की बात कही जा रही है, इतने पैसे रहते तो फुटपाथ पर क्यों बैठते। शासन प्रशासन द्वारा रोजगार तो नहीं दिया जा रहा है लेकिन रोजगार छीनने का काम अवश्य किया जा रहा है। सरकारी लोगों को तनख्वाह मिलती है उनको किस बात की दिक्कत, दुकान हटाने से चोरी चकारी करने वाली स्थिति आ गई है।
सीएमओ के निर्देश पर हटाया जा रहा अतिक्रमण – नपा कर्मचारी

नपा अमले द्वारा की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के संदर्भ में चर्चा करने पर नगर पालिका के कर्मचारी साधुराम चमकेल ने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया के आदेश अनुसार उनके द्वारा यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है जो सतत चलता रहेगा। काली पुतली चौक से अंबेडकर चौक तक पूरे ठेले गुमठी हटाया जाएगा।
गौरीशंकर बिसेन से मिले फुटकर दुकानदार
अतिक्रमण में हटाए जा रहे फुटकर दुकानदारों द्वारा बालाघाट विधायक गौरीशंकर बिसेन से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई गई। फुटकर दुकानदारों ने पूर्व मंत्री श्री बिसेन के सामने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे लोग जैसे तैसे अपनी दुकान चलाकर जीविका चलाते हैं उनकी दुकानें हट जाने से उनके सामने परिवार का जीवन यापन करने समस्या खड़ी हो जाएगी। पूर्व में कलेक्टर द्वारा कहा गया था कि उन्हें प्राथमिकता देते हुए चौपाटी में बन रहे दुकानों में स्थान दिया जाएगा तथा इसके लिए उन्हें ज्यादा लागत नहीं चुकाना पड़ेगा, लेकिन अब 11 से 12 लाख रुपए चौपाटी के लिए लगने की बात कही जा रही है इतनी बड़ी राशि दे पाना सभी के लिए बहुत मुश्किल है।
गौरीभाऊ ने सांत्वना दिया है – संदीप चौरावार
फुटकर व्यवसाई संदीप चौरावार ने कहा कि अतिक्रमण कार्यवाही के दौरान उनकी दुकान को हटा दिया गया है पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन से गुहार लगाने आए हैं कि उन्हें वहां दुकान लगाने अनुमति दी जाए। काली पुतली चौक में बन रहे चौपाटी में दुकान की लागत 11 से 12 लाख रुपए है हम रोज कमाने खाने वाले लोग हैं इतने रुपए कैसे दे पाएंगे। विधायक गौरी भाऊ से बात की गई है उन्होंने कल जिला प्रशासन के साथ इस विषय पर बात करने का कहते हुए सांत्वना दिया गया है।
भाऊ से उम्मीद है वह कुछ कर सकते हैं – विनोद बंशकार
विनोद बंशकार ने कहा कि हमको परेशानी यह है कि वहां से आए दिन हटा दिया जाता है गार्डन का उद्घाटन तो अभी हुआ नहीं है ऐसी स्थिति में उन्हें अभी नहीं हटाया जाना था। हमें आश्वासन दिया गया था 50 से 70 हजार रुपए में दुकान चौपाटी में मिल जाएगी, इतनी भारी लागत फुटकर व्यवसायियों के द्वारा दिया जाना मुमकिन नहीं है शासन प्रशासन कोई ऐसी योजना निकाल दे की फुटकर व्यवसाई किस्त के माध्यम से यह राशि थोड़ा-थोड़ा अदा करें। गौरी भाऊ से उम्मीद है कि वह जरूर इसको लेकर फुटकर व्यवसायियों के हित में कुछ कर सकते हैं।
जिला प्रशासन के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाएगा – गौरीशंकर बिसेन
विधायक गौरीशंकर बिसेन ने फुटकर दुकानदारों की परेशानी सुनी और 7 अक्टूबर को जिला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में इस विषय पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि बालाघाट शहर में बसस्टैंड, कालीपुतली चौक, रानी अवंती चौक, अंबेडकर चौक, हनुमान चौक सहित अनेक स्थानों पर सड़क किनारे फुटपाथ पर लोग कई वर्षों से छोटे-छोटे काम करते हैं कोई गुपचुप बेचता है कोई फल बेचता है तथा इससे अपनी जीविका चलाते हैं चौपाटी का निर्माण काली पुतली चौक में हुआ है यह फुटकर व्यवसाई वहां बैठकर व्यवसाय करते हैं। जिला प्रशासन से उनकी बातचीत हुई थी ऐसा इनका कहना है कल जिला प्रशासन के साथ हमारी बैठक है सारी जानकारी ली जाएगी विचार विमर्श कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
सीएमओ से बात करने पर भी नहीं निकला समाधान
सभी फुटकर व्यापारियो ने मंगलवार को मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया से मुलाकात कर पूर्व में किए गए वादे के मुताबिक उन्हें जल्द से जल्द चौपाटी के अंदर दुकान आवंटित किए जाने की मांग की, उक्त मांग को लेकर नगर पालिका पहुंचे फुटकर व्यवसायियों ने चौपाटी के अंदर बनाई जा रही दुकानों की कीमतें कम करने का अनुरोध किया जिसमें उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए लागत के मुताबिक ही दुकान का मूल्य उनसे वसूलने की मांग की। जिस पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री मटसेनिया ने उन्हें नगर पालिका प्रशासन व कलेक्टर दीपक आर्य से मुलाकात करने को कहा और उन्हीं के निर्देशन पर ही दुकानों का आवंटन किए जाने की बात कही। मुख्य नगरपालिका अधिकारी से समाधान पूर्वक उत्तर ना मिलने पर सभी फुटकर व्यापारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने कलेक्टर दीपक आर्य से मुलाकात कर चौपाटी की दुकानों की कीमत कम किए जाने की मांग की लेकिन वे वहां भी अपनी मांग को मनवाने में भी नाकाम रहे।

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