जनपद पंचायत वारासिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरझड़ के ग्रामीणों के द्वारा जनपद शिक्षा केंद्र में पहुचकर विकासखंड स्त्रोत समन्वय अधिकारी के नाम का ज्ञापन सौप कर आरटीई पोर्टल में स्कूल के नाम प्रदर्शित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि ग्राम पंचायत मुरझड़ अंतर्गत मुरझड़ कोसरीटोला सोनबाटोला के निवासरत कुछ व्यक्ति के द्वारा अपने बच्चों का प्रवेश शासन की आरटीई यानी शिक्षा के अधिकार योजना अनुसार प्राइवेट स्कूल में करने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवाया जा रहा है। जिसमें ग्राम पंचायत मुरझड़ के समीप में कोई भी प्राइवेट स्कूल का नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है जिसके कारण सभी को परेशानी हो रही है वह ऑनलाइन अपना पंजीयन पोर्टल पर नहीं करवा पा रहे हैं। क्योंकि वारासिवनी विकासखंड के किसी भी स्कूल का नाम उसमें नहीं दिख रहा है जो पोर्टल की त्रुटि के रूप में है ऐसे गरीब परिवारों के बालक बालिका शासन की योजना से वंचित होते नजर आ रहे हैं तो वही पलक भी काफी परेशान हो रहे हैं। वर्तमान में समय भी बहुत कम बचा हुआ है ऐसे में शासन प्रशासन से मांग है कि वह ग्राम के नाम पर समीप के स्कूलों के नाम प्रदर्शित करवाये ताकि गरीब बच्चे अपना प्रवेश पंजीयन कर योजना का लाभ ले सके। यह प्रक्रिया शीघ्र कार्रवाई जाए ताकि समय रहते प्रत्येक बच्चा पंजीयन करवा सके। विदित हो कि प्रदेश सरकार के द्वारा निर्धन परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई योजना संचालित की जा रही है। जिसके माध्यम से निर्धन परिवारों के बालक बालिका प्राइवेट स्कूलों में कक्षा आठवीं तक निशुल्क शिक्षा अध्ययन कर सकते हैं परंतु पोर्टल की त्रुटि के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि मनोज गौतम, हेमंत नंदेश्वर, कमलेश डोंगरे, बबन बहेश्वर, आशीष राउत, आनंद चौधरी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे
ग्रामीण हेमंत नंदेश्वर ने बताया कि शिक्षा के अधिकार योजना में बच्चों का प्रवेश नहीं हो रहा है क्योंकि ऑनलाइन प्रक्रिया हमारे द्वारा की जा रही है जिसमें ग्राम का नाम मुरझड़ डाल रहे हैं तो आसपास में एक भी स्कूल का नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है। किसी भी प्राइवेट स्कूल का नाम नहीं बताया जा रहा है हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों का प्रवेश आरटीई योजना के तहत प्राइवेट स्कूल में हो जाये ताकि वह वहां अच्छी शिक्षा अध्ययन कर सके परंतु इसमें पोर्टल बाधा बना हुआ है।
ग्रामीण कमलेश डोंगरे ने बताया कि ऑनलाइन सेंटर में हम आरटीई का फॉर्म भरने गए तो ऑपरेटर ने बताया कि योजना में मुरझड़ का नाम नहीं है क्योंकि जब गांव का नाम डाल रहे हैं तो कोई भी स्कूल नहीं दिख रहा है। जबकि हमारा राशन कार्ड आधार कार्ड वोटर आईडी और समस्त दस्तावेज मुरझड़ ग्राम पंचायत का है अब ऐसे में हमारा बच्चा कहां पड़ेगा जब मुख्यमंत्री ने योजना बनाई है निशुल्क शिक्षा की तो हमें लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा। क्या इस योजना पर शहर के लोगों का ही हक है हमारा कोई अधिकार नहीं है और यदि ऐसा नहीं है तो फिर पोर्टल क्या बता रहा है जिसको लेकर अधिकारी से बात किया तो वह ऊपर बात करेंगे कहते हैं। पिछले साल भी यही समस्या हुई थी जिससे हम वंचित हो गए थे आप क्या खाना खाने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजेंगे।
सरपंच प्रतिनिधि मनोज गौतम ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के अधिकार योजना के तहत प्रवेश मिलता है जिसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है। जिसमें हमारे ग्राम के कुछ अभिभावक फॉर्म भर रहे हैं पर पास का कोई स्कूल नहीं दिख रहा है तो बीआरसी वारासिवनी को शिकायत देने के लिए आए थे की प्रक्रिया में जो भी त्रुटि है उसमें सुधार कर व्यवस्था बनाये। यह जानकारी हमें इस वर्ष पता चली है पिछली बार सामने नहीं आ पाई थी पोर्टल में दो से तीन किलोमीटर की कोई स्कूल नहीं है और हर अभिभावक चाहता है कि वह अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा दे यह योजना बनी है तो उसका लाभ मिलना चाहिये।
इनका कहना है
दुरभाष पर चर्चा में बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शिकायत दी गई थी की ग्राम मुरझड़ का नाम डालने से समीप के स्कूल प्रदर्शित नहीं हो रहा है। उक्त शिकायत को जिला शिक्षा केंद्र भेज दिया गया था जहां से भोपाल भेज दी गई है यह जो समस्या है वह भोपाल से है। मेरे द्वारा भी देखा गया है ग्राम के नाम पर वारासिवनी की जगह बालाघाट के स्कूल दिखाई दे रहे है।










































