आर्थिक समस्या से जूझ रहे नपा के कोरोना वारियर्स

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज)। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण पिछले 6 महीनों से अपने परिवार और स्वयं की परवाह न करते हुए हर समय मुस्तैदी से कार्य करने वाले नगरपालिका के कर्मचारी वर्तमान में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं वैसे तो इन नगरपालिका के कर्मचारियों का कोरोना वारियर्स का दर्जा देते हुए लॉक डाउन के दौरान खूब स्वागत और सम्मान किया गया लेकिन इन कर्मचारियों की वर्तमान में सुध नहीं ली जा रही है और वे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं वही नगरपालिका कर्मचारियों वेतन को लेकर नपा के आला अधिकारी के द्वारा भी नपा तुला जवाब दिया जा रहा है कि बजट नहीं है। अब इन हालातों में नगर पालिका के कर्मचारी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अपने परिवार की जीविका को किस तरह से चलाएं।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी बजट का रो रहे रोना
नगर पालिका में करीब 700 से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं जिन्हें मस्टरोल के आधार पर वेतन दिया जाता है लेकिन करीब 2 माह से इन कर्मचारियों को नगर पालिका की ओर से वेतन नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है आपको बताएं कि इस समस्या को लेकर यह बात सामने आ रही है कि वर्तमान में कोविड-19 के चलते नगरपालिका के पास इतना बजट नहीं है कि वह कर्मचारियों को उनकी मेहनत का पैसा दे सके वही वेतन न दिए जाने का एक और कारण बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण राजस्व वसूली में कमी आई है जिसके कारण नगर पालिका के पास कर्मचारियों को देने के लिए पैसा नहीं है वहीं मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसैनिया का कहना है कि बजट ना होने के कारण कर्मचारियों की वेतन नहीं दी जा सकती।
राजस्व वसूली में बरती जा रही लापरवाही
कि नगर पालिका को शासन की ओर से करोड़ों का बजट दिया जाता है ताकि वह व्यवस्थाओं को पुख्ता कर सके नगरपालिका के हर निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपए लगाए जाते हैं वहीं राजस्व वसूली भी करोड़ों में बकाया है लेकिन वसूली को लेकर नगर पालिका प्रशासन मैं बैठे जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उदासीनता बरती जा रही है जिसके कारण आज इस आर्थिक मंदी के दौर मैं नगरपालिका के कर्मचारियों को एक एक रुपए के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। वही हाल ही में मुख्य नगर पालिका के तौर पर काबिज हुए सतीश मटसेनिया के द्वारा राजस्व वसूली को लेकर अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए यदि नगरपालिका के पास बजट नहीं है तो कोविड-19 के दौरान अपना सब कुछ दाव पर लगा कर नगर के विकास में अहम भूमिका अदा करने वाले नगर पालिका के कर्मचारी को परिवार की जीविका कैसे चलेगी यह कहना मुमकिन नहीं होगा।
सफाई कर्मचारियों ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से लगाई गुहार
और करीब 2 माह से वेतन का इंतजार कर रहे सफाई कर्मचारियों ने आज मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया से मुलाकात करते हुए कर्मचारियों का वेतन शीघ्र कराए जाने की मांग की जिस पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी मटसेनिया ने कहा कि बजट ना होने के कारण वह कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हैं।
नगर पालिका के 700 कर्मचारियों का नहीं हुआ वेतन- सुरेंद्र राहंगडाले
वहीं इस संदर्भ में दूरभाष पर चर्चा के दौरान नगर पालिका उपयंत्री सुरेंद्र राहंगडाले ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि नगरपालिका के करीब मस्टरोल पर आधारित 700 कर्मचारी हैं जिन्हें वेतन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
नपा कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो भारतीय मजदूर संघ करेगा आंदोलन- राजेश वर्मा
दूरभाष पर चर्चा के दौरान भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि नगरपालिका के कर्मचारियों को इस विषम परिस्थितियों में वेतन ना दिया जाना एक गंभीर लापरवाही को प्रदर्शित करता है आज वर्तमान में सभी आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं नगरपालिका के कर्मचारियों ने विषम परिस्थितियों में जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं दी है यदि नगर पालिका के कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया तो भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले एक वृहद आंदोलन किया जाएगा।

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