कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को लाइसेंस बनाने के लिए भटकने से मुक्ति मिल रही है। परिवहन विभाग अलग-अलग कॉलेजों में शिविर लगाकर लर्निंग लाइसेंस बना रहा है। इतना ही नहीं, अधिकारी इन छात्रों को लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया भी समझा रहे हैं। इस कारण कई विद्यार्थी खुद ही मोबाइल पर लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया कर लाइसेंस बना रहे हैं। तीन दिन में अब तक करीब एक हजार लर्निंग लाइसेंस बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न कॉलेजों में 31 मई तक शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविर के माध्यम से कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लाइसेंस और अन्य प्रक्रिया की जा रही है। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के दौरान कॉलेज में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को लर्निंग लाइसेंस बनाए जाने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इस प्रक्रिया को समझकर विद्यार्थी खुद अपने मोबाइल से लर्निंग लाइसेंस बना रहे हैं। इतना ही नहीं, ये विद्यार्थी दूसरों को भी लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया समझा रहे हैं। एक प्रकार से छात्र विभाग के लिए वालियंटर के रूप में काम कर रहे हैं।
विद्यार्थी भी दूसरों को सिखा रहे प्रक्रिया
एआरटीओ मिश्रा का कहना है कि अधिकारी हर दिन नए नए कालेज परिसर में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऐसे में हमने जिन कालेजों में प्रजेंटेशन देकर छात्र-छात्राओं को लाइसेंस की प्रक्रिया समझाई, वे अब दूसरे छात्र-छात्राओं की मदद कर रहे हैं। शिविर का फायदा यह हो रहा है कि छात्र-छात्राएं लर्निंग लाइसेंस बनाए जाने की पूरी प्रक्रिया अपने मोबाइल पर सीख रहे हैं। फिर ये ग्रुप बनाकर अन्य साथियों को भी सीखा रहे हैं।










































