पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तीन की प्रमुख विपक्षी पार्टी पीटीआई प्रमुख इमरान खान को उनके लॉन्ग मार्च के दौरान पांव पर हमला किया गया है। हमलावरों द्वारा मारी गई गोली उनके पैर में लगी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वजीराबाद में जफर अली खान चौक के पास पूर्व पीएम इमरान खान पर चार गोलियां चलाई गई जिसमें से एक इमरान के पांव में लगी।
इमरान पर इस गोलीबारी के बाद पाकिस्तान सियासत की दोनों मुख्य पार्टियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में विरोध रैली के दौरान एक अज्ञात बंदूकधारी ने इमरान को ले जा रहे कंटेनर-ट्रक पर गोलियां चलाईं, इस हमले में एक गोली 70 वर्षीय इमरान खान के दाहिने पैर में है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अब वह खतरे से बाहर हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता फवाद चौधरी के अनुसार, इस हमले में तीन अन्य नेता भी घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर द्वारा अपलोड किए गए एक वीडियो में, हमलावर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि वह इमरान खान को मारना चाहता था, क्योंकि पूर्व पीएम लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कथित शूटर को वीडियो में यह कहते हुए सुना गया कि वह इमरान खान को खत्म करना चाहता था, क्योंकि वह लोगों को गुमराह कर रहे हैं। हमलावर ने कहा कि उसने इमरान को गोली मारने की कोशिश की और किसी को नहीं। आरोपी ने फैसला तब किया जब इमरान लाहौर से चले थे। हमलावर के अनुसार उसने यह अकेले किया है, इसमें कोई और शामिल नहीं है।
घटना पंजाब के वजीराबाद कस्बे के अल्लाहवाला चौक के पास हुई। लॉन्ग मार्च 28 अक्टूबर को लाहौर से शुरू हुआ था जिसे एक सप्ताह के समय में लगभग 380 किलोमीटर की दूरी तय कर 4 नवंबर को राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद थी। रैली को पाकिस्तान में सबसे बड़े स्वतंत्रता आंदोलनों में से एक बताते हुए इमरान खान ने कहा था कि वह शहबाज सरकार पर तुरंत चुनाव कराने के लिए दबाव बनाने के लिए मार्च निकाल रहे हैं। यह कदम पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा खान को विदेशी नेताओं से प्राप्त उपहारों की बिक्री से आय छिपाने के आरोप में 5 साल के लिए सार्वजनिक पद पर रहने से अयोग्य घोषित करने के कुछ दिनों बाद आया है।
इस्लामाबाद में सरकार से जल्द चुनाव की मांग करने वाले इमरान खान लॉन्ग मार्च कर दबाव बनाना चाहते हैं। फिलहाल गोली लगने के बाद इमरान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एक वीडियो में इमरान पैरों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं और उनके चेहरे पर घबराहट का कोई निशान नहीं दिख रहा। अब इमरान खान को गोली लगने के बाद पीटीआई ने जगह जगह विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की है। ऐसे में सरकार को डर है कि यह विरोध प्रदर्शन दंगे में तब्दील हो सकते हैं। हिंसा बढ़ी तो पाक सेना देश की राजनीति में दखल दे सकती है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के 75 सालों के इतिहास में सेना ने 4 बार तख्तापलट किया है।










































