पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और मलाजखंड ताम्र परियोजना में चल रही मजदूरों की हड़ताल पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार की जमकर निंदा की है। जहां उन्होंने कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा मोदी सरनेम पर की गई टिप्पणी को अभिव्यक्ति की आजादी बताते हुए अदालत द्वारा सुनाई गई सजा और उनकी सदस्यता रद्द करने को एक बड़ी साजिश बताया है । पत्रकारों से की गई चर्चा के दौरान श्री मुंजारे ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी पर मानहानि का केस दर्ज था और मानहानि के केस में सजा का प्रावधान नहीं होता उन्होंने बताया कि अगर मानहानि का केस राहुल गांधी हार जाते तो न्यायालय उनसे एक फिक्स अमाउंट वसूल कर सकती थी। यदि वह उक्त फिक्स अमाउंट को जमा नहीं करते तो सजा का प्रावधान था। लेकिन न्यायालय भी वही कर रही है जो सरकार चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी से बीजेपी सरकार डरी हुई है और एक डरी हुई सरकार राहुल गांधी को दबाने का प्रयास कर रही है।
पूर्व सांसद श्री मुजारे ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए सांसद में उनकी सदस्यता रद्द करने को लेकर भी सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि अदालत में दोषी पाए जाने के तुरंत बाद एक सुनियोजित तरीके से राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई है
वही आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व सांसद श्री मुंजारे ने ताम्र परियोजना मलाजखंड में मजदूर की मौत और मजदूरों द्वारा किए जा रहे आंदोलन पर वहां की प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं उन्होंने बताया कि मलाजखंड में मजदूरों को शासन प्रशासन से मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जा रही है वहीं उन्हें उचित उचित वेतन भी नहीं मिल रहा है जहां उन्होंने मलाजखंड प्रबंधन और मजदूरों के संगठन भारतीय मजदूर संघ के बीच आपसी तालमेल होने की बात कहते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। श्री मंजारे ने कहा कि जिले में 25 वर्षों से भाजपा सरकार का सरकार राज कर रही है लेकिन दलाली के चलते अब तक मलाजखंड माइंस की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं लाया गया है










































