एक महीने की राहत से संतुष्ट नहीं आयुष चिकित्सक

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज)। कोरोना संक्रमण काल में 1 अप्रैल 2020 से नियुक्त किए गए आयुष चिकित्सक और अन्य स्टाफ की सेवाओं के लिए 1 महीने का एक्सटेंशन प्रदेश शासन द्वारा दे दिया गया है जिसके बाद अब 30 अक्टूबर तक इनकी सेवाएं ली जाएगी। एक माह का एक्सटेंशन दिए जाने के बाद भी आयुष चिकित्सक संतुष्ट नहीं है और उनके द्वारा असहयोग आंदोलन किए जाने की बात कही जा रही है। विदित हो कि आज शाम को जिले में कोविड ड्यूटी के लिए नियुक्त किए गए आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारी काली पट्टी लगाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर दीपक आर्य से मुलाकात की, जहां उन्होंने कलेक्टर के सामने अपनी पूरी बातें रखते हुए एक मांग पत्र भी सौंपा और नियमितीकरण किए जाने की मांग की।
आयुष चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश में महामारी के इस दौर में आयुष चिकित्सक ही फ्रंट पर रहकर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश शासन केवल चुनाव और राजनीति कर रही है सबसे महत्वपूर्ण काम करने वालों को 1 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। चुनाव होते ही आयुष चिकित्सकों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। सरकार द्वारा नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं की जाती है तो उनके द्वारा सरकार के साथ असहयोग आंदोलन 2 अक्टूबर से किया जाएगा।
हमने महामारी के कठिन हालात मे΄ ड्यूटी की – डॉ अ΄जना
ज्ञापन सौंपने के दौरान आयुष चिकित्सक डॉ अंजना ने बताया कि आयुष चिकित्सकों और लैब टेक्नीशियन कोविड-19 की ड्यूटी में पदस्थ हुए थे हमने महामारी के कठिन हालात में ड्यूटी की। लेकिन हमें सिर्फ एक माह का एक्सटेंशन दिया गया है उनकी 3 माह का अस्थाई पद बोलकर भर्ती स्वास्थ्य विभाग में दिया गया था। समय अवधि समाप्त होने पर उसके बाद 3 माह का एक्सटेंशन पूर्व में दिया गया था जबकि हमने अपनी जान को जोखिम में डालकर ड्यूटी की। हम चाहते हैं कि हमें संविदा बेस पर नियमितीकरण किया जाए, हमें निकाल दिया जाएगा तो हम सभी आयुष चिकित्सक बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार ने हमारी मांगों को नहीं माना तो प्रदर्शन करेंगे, बालाघाट जिले की ही बात करें तो यहां 47 आयुष चिकित्सक और 25 लैब टेक्नीशियन कोविड-19 में काम कर रहे हैं।
आदेश को नही΄ बदला गया तो सरकार के साथ असहयोग आ΄दोलन चालू करे΄गे – डॉटर अ΄कित असाटी

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे आयुष चिकित्सक डॉ अंकित असाटी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 29 सीटों पर उपचुनाव है उसको देखते हुए सरकार द्वारा राजनीति की जा रही है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं कोरोना योद्धा जो कोरोना महामारी में काम कर रहे हैं उन पर ध्यान ना देते हुए सरकार द्वारा चुनाव पर ध्यान देकर राजनीति की जा रही है। लगभग 6 माह से आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ साथ में काम कर रहा है। हमें एक माह का और एक्सटेंशन दिया जा रहा है ताकि एक महा बाद चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को निकाल दे यह सरकार की चाल है। जिला मुख्यालय सहित जितने भी ब्लॉक है वहां जितने कोविड सेंटर है जहां सेंपलिंग होती है वह अस्थाई आयुष चिकित्सकों के भरोसे चल रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में 1 माह के एक्सटेंशन का आदेश हुआ उसका विरोध चालू हो गया है कोविड-19 के चिकित्सक काली पट्टी बांधकर काम करना चालू कर दिए हैं। सरकार द्वारा 2 दिन में आदेश नहीं बदला जाता है तो 2 तारीख से सरकार के साथ असहयोग आंदोलन प्रदेश में चालू कर दिया जाएगा।

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