एक साथ निकली तीन अर्थी,गम में डूबा पूरा पायली गांव

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शनिवार को जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर भरवेली थाना अंतर्गत पायली गांव में बेहद गमगीन माहौल में एक साथ 3 महिलाओं की अर्थी उठी। जिसे देख हर किसी की आंखें नम हो गई। रोते बिलखते छोटे-छोटे बच्चों की मम्मी अब हमेशा के लिए उन्हें छोड़ कर जा रही थी। बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया तो परिवार की बागडोर चलाने वाली महिलाएं चली गई। हर कोई स्तब्ध था कल तक सब कुछ ठीक था। लेकिन एक घटना ने पूरा परिदृश्य बदल गया। पायली गांव के लिए भी यह पहला मौका था जब उन पर इतना बड़ा गमों का पहाड़ टूटा था। विधि के विधान के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे पायली के श्मशान घाट में एक साथ तीनो महिलाओं का अंतिम संस्कार किया गया।

आपको पता है कि शुक्रवार की शाम करीब 5:00 बजे बालाघाट बैहर मार्ग पर गांगुलपरा और बंजारी घाटी के बीच एक स्कूटी चालक को बचाने के लिए एक ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगाया जिससे ट्रक पलट गया। ट्रक पर सवार पायली पंचायत के 11 लोग थे। जिसमे तीन महिलाएं सविता मराठे उम्र 35 वर्ष समोती पाचे उम्र 40 वर्ष यशोदा पाचे उम्र 42 वर्ष और स्कूटी चालक निवासी मलाजखंड पानी अरुण परिहार उम्र 22 वर्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची सभी घायलों और मृतकों के शव जिला अस्पताल लाए गए। रात अधिक होने की वजह से शनिवार की सुबह घटना में मृत सभी चारों लोगों का पीएम किया गया। उसके बाद जैसे ही तीनो मृतक महिलाओं के शव पायली पंचायत पहुंचे। लोगों का हुजूम उनके घर में लग गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। यह घटनाक्रम जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गई। पायली के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन प्रशासन से मृत महिलाओं के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।वहीं दूसरी और इस घटना में मृतक स्कूटी चालक युवक अरुण परिहार के परिजन भी बेहद गमगीन माहौल में बालाघाट पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव को का अंतिम संस्कार करने के लिए मलाजखंड पौनी लेकर गए।

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