त्रिस्तरीय पंचायत व नगरी निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद एक बार फिर से ओबीसी आरक्षण पर राजनीति तेज हो गई है। जहां आगामी चुनाव को देखते हुए सत्ता पक्ष बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के पदबाशिकारी अपने आप को ओबीसी आरक्षण का हितौषी बताते हुए एक दूसरे पर शब्दों के प्रहार करने से नहीं चूक रहे हैं ।
जहां दोनों ही पक्षों द्वारा ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव कराने वाले सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगाई जा रही है।
इसी बीच आगामी समय मे होने वाले पंचायत व नगरी निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को भुनाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वेश्वर भगत ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। जिसमे भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य सरकार पर आरक्षण विरोधी सरकार होने का आरोप लगाते हुए आगामी सभी चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया।
आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण दिया गया था।जिसे प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने समाप्त कर दिया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन का नाम लिए बगैर उन पर शब्दों के कई बाण चलाएं, उन्होंने, ओबीसी आयोग को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई फटकार का हवाला देते हुए ओबीसी वर्ग का सर्वे ना कराने और ओबीसी वर्ग के सही आंकड़े सुप्रीम कोर्ट में पेश न करने की बात कही है।
इस दौरान श्री भगत ने बताया कि चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन कम होने का हवाला देते हुए पंचायत के चुनाव मतपेटी से और नगरी निकाय के चुनाव ईवीएम मशीन से कराए जाने की बात कही है हमारी मांग है कि चुनाव आयोग ने नगरी निकाय चुनाव भी पंचायत चुनाव की तर्ज पर मतपेटी से ही कराना चाहिए








































