त्यौहारों के दौरान ओमिक्रॉन के नए सबवेरिएंट ने कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा एक बार फिर से बढ़ा दिया है। देश के तीन राज्यों में इस नए वेरिएंट की पुष्टि हुई है, जिसने दुनिया के दूसरे देशों में कोरोना के मामलों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इसकारण स्वास्थ्य मंत्रालय का जोर प्रिकॉशन डोज को मिशन मोड में बढ़ाने पर है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना का नया रूप एक बार फिर देश में दाखिल हो चुका है। ओमिक्रॉन का नए 5-6 नए सब वेरियंट्स देखे जा रहे हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में इन नए सबवेरिएंट की पुष्टि हुई है। भारत के पड़ोसी चीन सहित दुनिया के कई देशों में इन वेरियंट्स की वजह से कोरोना संक्रमण के मामले अचानक बढ़े हैं। कोरोना वायरस के इन नए सब वेरियंट्स को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय भी अलर्ट मोड में है। इसकारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
हालांकि अब तक इन नए वेरियंट्स से किसी को कोई गंभीर बीमारी की खबर नहीं सामने आई है, लेकिन शुरुआत में कई बार वायरस के व्यवहार का पता नहीं चलता। इसकारण नजर इस बात पर है कि कहीं अस्पताल में दाखिले तब नहीं बढ़ रहे या फिर आईसीयू केयर की जरूरत नहीं पड़ रही और मौत के आंकड़ों में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। ओमिक्रॉन के इस नए सबवेरिएंट के लक्षणों में लगातार खांसी होना, सुनने में परेशानी, सीने में दर्द और कंपकंपी शामिल है। यह गंध पहचानने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। माना जा रहा है कि यह नया कोविड वेरिएंट बुजुर्गों और खासकर गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है। इसके बाद इन सभी को वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की सलाह दी है।










































