कबाड़ी की दुकान में बिकने पहुंची नि:शुल्क बंटने वाली पुस्तकें

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लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। ‘शासन द्वारा शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना के तहत निशुल्क पुस्तकों का वितरण किया जाता है ताकि शिक्षा का स्तर उपर उठ सके एवं पालकों पर किताबों की खरीदी का बोझ ना पड़े लेकिन शासन द्वारा वितरण किये जाने वाली नये सत्र २०२०-२१ की पुस्तकें कबाड़ी दुकान में मिल जाये तो शिक्षा विभाग पर कई तरह के सवाल खड़े होते है कि आखिरकार शासन की पुस्तकें कबाड़ी दुकान में कैसे आई और कहां से आई जो गंभीर चिंतन का विषय हैÓ- ऐसा ही एक मामला ३० सितंबर को नगर मुख्यालय में सिवनी रोड पर मजार के समीप स्थित फिरोज कबाड़ी दुकान का प्रकाश में आया जहां पर किसी व्यक्ति ने शासन द्वारा नि:शुल्क वितरित की जाने वाली नये सत्र की पुस्तकों के बंडलों को बेचने के उद्देश्य से लाकर रख दिया जिसकी जानकारी मिलने पर बीआरसी केजी बिसेन के द्वारा दोपहर ३.३० बजे फिरोज कबाड़ी दुकान में पहुंचकर निरीक्षण किया गया जिसमें शासन द्वारा नये सत्र में पहुंचाई गई कक्षा नवमीं की पुस्तकों के पांच बंडल जिसमें अर्थशास्त्र विषय के तीन बंडल व कृतिका भाग-१ सहायक वाचन के २ बंडल पाये गये जिसे जप्त कर बीआरसी कार्यालय लाया गया एवं पंचनामा कार्यवाही के पश्चात पांच बंडलों में १२२० नग पुस्तकों को बीईओ कार्यालय में जमा करवाया गया। जप्त की गई पुस्तकों के बंडल में कक्षा नवमीं अर्थशास्त्र विषय की पुस्तक क्रमांक ५७९६७२१ से ५७९६९८० तक २६०, ५८४९५०१ से ५८४९७६० तक २६०, ५७ ८७४०१ से ५७८७६८० तक २६० पुस्तकें एवं कृतिका भाग -१ विषय की पुस्तक क्रमांक ५८२०५८१ से ५८२०८०० तक २२० व ५८२६२८१ से ५८२६५०० तक २२० पुस्तकें शामिल है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुस्तक क्रमांक की जानकारी लेने के बाद ही पता चल पायेगी कि पुस्तकें कहां की है जिसके लिये उक्त जानकारी बालाघाट व जबलपुर प्रेषित की जा रही है। पंचनामा कार्यवाही के दौरान बीईओ डीएस कुर्वेती, बीआरसी केजी बिसेन, बुक प्रभारी सहायक ग्रेड-३ टीएस परते, सहायक ग्रेड-१ जीपी भगत, लेखपाल व्हीपी मश्राम, आपरेटर दीपांकर मेश्राम व कबाड़ी व्यवसायी फिरोज खान मौजूद रहे।
पुस्तकों के बंडल की सूचना बीईओ कार्यालय को दी – फिरोज
पद्मेश से चर्चा में कबाड़ी व्यवसायी फिरोज खान ने बताया कि वे कबाड़ी का व्यवसाय करते है जिसमें रद्दी काफी-पुस्तक व पुरानी सामग्री खरीदी का कार्य करते है, ३० सितंबर को बरघाट निवासी दुर्गेश सूर्यवंशी पुस्तक के ५-६ बंडल लेकर आया और बाद में आते है कहकर चला गया जिसकी जानकारी उनके द्वारा बीईओ कार्यालय को दी गई।
पुस्तक क्रमांक से पता चलेगा किस विकासखंड की है पुस्तक – बीआरसी
पद्मेश से चर्चा में बीआरसी केजी बिसेन ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि कबाड़ी दुकान में पुस्तकों के बंडल बिकने के लिये आये है जिस पर उनके द्वारा फिरोज कबाड़ी दुकान का निरीक्षण करने पर सत्र २०२०-२१ में कक्षा नवमीं के अर्थशास्त्र विषय व कृतिका भाग-१ विषय की पुस्तकों के पांच बंडल पाये गये जिसे जप्त कर बीआरसी कार्यालय लाया गया जहां पंचनामा कार्यवाही के पश्चात बीईओ कार्यालय को सौंपा गया। श्री बिसेन ने बताया कि सभी पुस्तकों के बंडल में नये सत्र की किताबें है जिसका पता नहीं चल पा रहा है कि किताबें कहां की है, इसका पता जबलपुर से ही लग पायेगा जिसके लिये जानकारी जबलपुर प्रेषित की जा रही है। श्री बिसेन ने बताया कि उक्त पुस्तकें शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को शासन द्वारा नि:शुल्क वितरण के लिये आती है।
वाट्सअप पर मिली थी सूचना – बीईओ
बीईओ डीएस कुर्वेती ने बताया कि ३० सितंबर को प्रात: लगभग सात बजे उन्हें वाट्सअप पर किसी से सूचना मिली थी कि किताबें कबाड़ी दुकान में पड़ी हुई है जिसकी जानकारी उनके द्वारा किताब प्रभारी को दी गई एवं भृत्य को कबाड़ी दुकान में देखकर आने के लिये निर्देशित किया गया जिस पर भृत्य के द्वारा कबाड़ी के दुकान में बंडल देखे गये लेकिन वहां पर कोई मौजूद नहीं था जिसके बाद कबाड़ी दुकान के मालिक के आने पर जानकारी ली गई तो उसके द्वारा बताया गया कि बरघाट से कबाड़ी वाला लेकर आया था जो बेचकर चला गया जिसमें सत्र २०२०-२१ की किताबें थी जिसकी जप्ती बनाकर जानकारी जिला कार्यालय को प्रेषित की गई है।

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