कमल नाथ आराम के मूड में या कांग्रेस देना चाहती है उन्हें विश्राम

0

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ 2023 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का नेतृत्व करेंगे या फिर कांग्रेस नई पीढ़ी को मौका देना चाहती है। इस विषय पर कांग्रेस में नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, छिंदवाड़ा जिले के पांढूर्ना में रविवार को कमल नाथ ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात में सवाल किया था कि क्या वे संन्यास ले लें। इससे पहले उन्होंने कहा कि 40 साल की राजनीति में वे हर पद पर रह चुके हैं, अब उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। इसके बाद सोमवार को नाथ ने छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा में फिर यही बात दोहराई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाथ के इन बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि उपचुनाव में मिली पराजय के बाद नाथ स्वयं ही जिम्मेदार पदों से किनारा करने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा 22 विधायकों के साथ कमल नाथ सरकार को गिराने और कांग्रेस छोड़ने के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तक 26 विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। उपचुनाव में नाथ ने ही नेतृत्व किया पर न तो परिणाम अनुकूल आए और न ही चुनाव प्रचार की लाइन सही रही। इमरती देवी पर नाथ के विवादास्पद बयान की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आलोचना की। प्रियंका गांधी वाड्रा उपचुनाव में स्टार प्रचारक होते हुए भी दौरे पर नहीं आई।

कमल नाथ ने ये कहा

मेरा आपसे राजनीति का नहीं, आत्मीयता का रिश्ता है। मुझे आपके बीच 40 साल हो गए हैं। अगला समय नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव का है। मुझे पूरा प्रदेश देखना हैं। मैं छिंदवाड़ा ज्यादा समय नहीं दे पाऊंगा। यहां का चुनाव आपको लड़ना हैं। आपको आराम नहीं करना है। छिंदवाड़ा की जनता जब कहेगी तो मैं भी उस समय आराम करने चला जाऊंगा। संन्यास ले लूंगा। उनके इतना कहते ही कमल नाथ के पक्ष में जोरदार नारेबाजी हुई और कार्यकताओं ने कहा कि हम आपको एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। हम आपको संन्यास नहीं लेने देंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here