किसान नेता बोले- कमेटी में हम यकीन नहीं रखते, कानून वापस ले सरकार

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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। दिल्ली सीमा प्रदर्शन कर रहे किसानों को धरना स्थल से हटाने के लिए दायर अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह किसानों के प्रदर्शन में कटौती में नहीं कर सकती लेकिन लोगों के अधिकारों के साथ उसका संतुलन होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आज कोई फैसला सुना सकता है। किसान संगठन चाहते हैं कि इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बातचीत करें। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों का प्रदर्शन एवं सरकार से बातचीत साथ-साथ चलती रहेगी। पीएम मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो बजे मध्य प्रदेश के किसानों को संबोधित करेंगे। समझा जाता है कि वह नए कृषि कानूनों पर फैलाई जा रही ‘भ्रांतियों’ पर अपनी बात रख सकते हैं। 

कमेटी में हम यकीन नहीं रखते-किसान नेताकृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने शुक्रवार को कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है उसमें हम यकीन नहीं रखते। अगर सरकार बातचीत करके काले कानून वापस लेती है तो ठीक, नहीं तो हम ये मोर्चा नहीं छोड़ेंगे।’

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