कीचड़ व गड्ढों से होकर खेत तक बैलगाड़ी ले जाना हो रहा मुश्किल

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लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। मुख्यालय से लगभग ८ किमी. दूर स्थित ग्राम पंचायत बबरिया के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक ७ में मौजूद खेत पहुंच मार्ग की हालत खराब होने से कृषकों व ग्रामीणजनों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ग्रामीणों के द्वारा कई बार ग्राम पंचायत को अवगत करवाया जा चुका है कि खेत जाने वाले कच्चे मार्ग का मजबूती से निर्माण किया जाये लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है, वर्तमान में धान की फ सल तैयार होने से कुछ कृषकों ने कटाई कार्य प्रारंभ कर दिया है लेकिन मार्ग खराब होने की वजह से किसानों को अपने खेतों तक बैलगाड़ी ले जाना मुश्किल हो रहा है जिसको को लेकर कृषकों व ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों व कृषकों में उत्पन्न हुए आक्रोश की जानकारी मिलने पर ६ अक्टूबर को ग्राम पंचायत बबरिया पहुंची पद्मेश की टीम ने पाया कि वार्ड क्रमांक ७ में खेत जाने वाले कच्चे मार्ग में कृषक व ग्रामीणजन मौजूद थे, मौके पर मौजूद खेत जाने वाले मिट्टी के मार्ग में बारिश के कारण कीचड़ हो गया है एवं बड़े-बड़े गड्ढे बन गये है जहां से आवाजाही करना व बैलगाड़ी को खेतों तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। मौके पर मौजूद कृषकों व ग्रामीणों ने बताया कि खेत पहुंच मार्ग की हालत बहुत खराब हो चुकी है, बरसात के दिनों में बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से बैलगाड़ी ले जाना मुश्किल हो रहा है। कृषकों ने बताया कि वर्तमान में खेतों में लगी धान की फसल तैयार हो चुकी है एवं कुछ कृषकों के द्वारा कटाई कार्य प्रारंभ कर दिया गया है लेकिन बैलगाड़ी खेतों तक नहीं पहुंच पाने से फसल को सुरक्षित नहीं कर पा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि खेत जाने वाले मार्ग से लगभग ५० किसानों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन कीचड़ व गड्ढे की वजह से खेत जाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत से इस मार्ग को बनाने की मांग की गई है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया सिर्फ आश्वासन मिलता रहा, गर्मी के दिनों में ही ग्राम पंचायत से सड़क बनाने की मांग की गई थी लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके बाद बरसात में सड़क और खराब हो चुकी है। ग्रामीणों के द्वारा ग्राम पंचायत भवन पहुंचकर सचिव बसंत चौरे से मुलाकात की गई एवं वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुरूम डलवाकर खेत पहुंच मार्ग को दुरूस्त किये जाने की मांग की गई जिस पर सचिव श्री चौरे के द्वारा वैकल्पिक तौर पर मुरूम डलवाने का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान कृषक दयाल बोपचे, कृष्णकुमार गौतम, सम्पतलाल, एलके बांते, गौराज पारधी, शंकर गौतम, रेवाजी गौतम, हेमन गौतम, कोमल बोपचे, खेमाजी एड़े, शेखलाल पटले, इशना कारे, कुसना कारे व पीतम गौतम सहित अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे।
आने-जाने में हो रही परेशानी – केदुलाल
ग्रामीण केदूलाल बोपचे ने बताया कि उनका मकान खेत पहुंच मार्ग पर मौजूद है, मार्ग इतना खराब हो चुका है कि आना-जाना मुश्किल हो रहा है, यदि किसी सदस्य की तबियत खराब हो जाये तो उसे कंधे पर उठाकर डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। श्री बोपचे ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत को समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, इस मार्ग में लगभग ५० किसानों की खेती है जिन्हें परेशानी हो रही है।
सड़क इतनी खराब है कि बैलगाड़ी नहीं जा सकती – नंदलाल
कृषक नंदलाल पारधी ने बताया कि खेत पहुंच मार्ग की समस्या विगत दस साल से बनी हुई है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, उनके द्वारा सड़क बनाने के लिये ग्रामसभा में बात रखी गई थी जिसमें बरसात के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया था। श्री पारधी ने बताया कि वर्तमान में धान फसल की कटाई प्रारंभ हो गई लेकिन सड़क इतनी खराब है कि बैलगाड़ी खेतों तक नहीं जा पा रही है जिसकी वजह से बहुत परेशानी हो रही है।
गड्ढों में डलवाई जाये मुरूम – भरतलाल
वार्ड क्रमांक ३ के पंच भरतलाल शरणागत ने बताया कि खेत पहुंच मार्ग खराब होने से कृषकों को खेत जाने में भारी परेशानी हो रही है, इस समस्या को ग्रामसभा में रखा गया था कि खेतों तक बैलगाड़ी नहीं जा पा रही है, वर्तमान में पक्की सड़क नहीं बनाई जा सकती है तो कम से कम मुरूम ही डलवा दी जाये जिसके संबंध में कहा गया कि मुरूम सड़क का सेंक्शन नहीं हो सकता है, पक्की सड़क बनेगी लेकिन वर्तमान में धान की फसल तैयार हो गई है इसलिये हमारी मांग है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुरूम डलवाकर गड्ढों को भरा जाये ताकि आवाजाही में परेशानी ना हो।
स्वीकृति मिलने पर प्रारंभ होगा कार्य – बसंत
पंचायत सचिव बसंत चौरे ने बताया कि खेत पहुंच मार्ग की लंबाई लगभग १ किमी. है जो कि बारिश के कारण खराब हो गया है, मार्ग में गड्ढे व कीचड़ होने की वजह से किसानों को खेत पहुंचने में परेशानी हो रही है, इस मार्ग की स्वीकृति के लिये प्रस्ताव बनाकर फाईल जनपद पंचायत पहुंचा दी गई है जहां से स्वीकृति मिलने के पश्चात कार्य प्रारंभ किया जायेगा, मरम्मत के लिये कोई प्रावधान नहीं है लेकिन ग्रामीणों को गंभीर समस्या हो रही है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुरूम डलवाई जायेगी।

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