कोरोना महामारी से GDP को 9.57 लाख करोड़ का नुकसान, राज्यसभा में ये बोली वित्त मंत्री

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2022 पर चर्चा का जवाब दिया। राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है, इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टार्टअप आ रहे हैं ऐसा विश्व में कहीं नहीं हुआ।

वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट स्थिरता की बात करता है, इस बजट में पिछले साल की कुछ योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है और वो योजनाएं आने वाले 25 सालों में हमारा मार्गदर्शन करेंगी। इस महामारी की वजह से जीडीपी में 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ लेकिन सप्लाई साइड में हुए अवरोध के बावजूद भी भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति अब 6.2% है।

इससे पहले गुरुवार को उन्होंने लोकसभा में बजट पर जवाब दिया था। गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने 1 फरवरी को संसद में आम बजट पेश किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पेश बजट पर चर्चा के दौरान बताया कि एक ही देश से हर साल 2.5 करोड़ छाते का आयात किया जाता है। उन्होंने चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसे देखते हुए छतरियों के आयात पर लगने वाले 10 फीसदी शुल्क को बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। निर्मला सीतारमन ने कहा कि घरेलू छाता विनिर्माता एमएसएमई कंपनियों ने शिकायत की थी कि चीन से छाते का आयात देश में कम शुल्क के कारण लगातार बढ़ रहा है। आयात शुल्क में वृद्धि से घरेलू छोटे उद्यमियों को विनिर्माण का अवसर मिले

वित्त मंत्री ने बताया, चावल क्यों नहीं खरीदेगी सरकार

लोकसभा में सीतारमण ने यह भी बताया वर्ष 2013 में कांग्रेस के शासन काल में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बाली समझौते में सरकार ने ऐसा समझौता कर लिया था, जिसके तहत वर्ष 2017 के बाद से सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से चावल की खरीदारी नहीं कर पाती, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे ठीक कराया, तभी आज हम किसानों से अनाज खरीद कर गरीबों में बांट पा रहे हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा एकत्र किए गए उपकर में से विभिन्न केंद्रीय कार्यक्रमों के तहत राज्यों को राशि दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में केंद्र द्वारा राज्यों को 6 लाख करोड़ रुपए दिए गए, जो चालू वित्त वर्ष में 17 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार राज्य के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसकी 4 जी सेवा शुरू करने के लिए 24,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

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