कोर्ट के फैसले से गदगद आडवाणी तो ओवैसी ने शायराना अंदाज में मारा ताना

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अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के मामले में 28 साल बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित सभी 32 आरोपी बरी कर दिया है। सीबीआई कोर्ट के विशेष जज एसके यादव ने अपने फैसले में कहा कि विवादित ढांचे का विध्वंस कोई पूर्व नियोजित घटनाक्रम नहीं था। इसका साफ मतलब है कि सभी आरोपियों ने पहले से इसे गिराने को लेकर कोई साजिश नहीं रची। अशोक सिंघल के बारे में जज ने कहा कि उनके खिलाफ भी कोई सबूत नहीं है, जो तस्वीरें पेश की गईं, उन्हें साक्ष्य नहीं माना जा सकता है। कोर्ट का फैसला आते ने कोर्ट परिसर में जय श्रीराम के नारे लगने लगे और देशभर में राममंदिर समर्थकों में खुशी की लहर छा गई। वहीं नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी।

फैसले पर ये बोले लालकृष्ण आडवानी

कोर्ट के फैसले के बाद लालकृष्ण आडवानी ने कहा कि आज हमारे लिए खुशी का दिन है और मैं पूरे दिल से कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रति मेरे व्यक्तिगत और भाजपा के विश्वास और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुरली मनोहर जोशी ने फैसले को बताया ऐतिहासिक

वहीं, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। जोशी ने कहा कि अदालत के फैसले से साबित होता है कि अयोध्या में 6 दिसंबर की घटना के लिए कोई साजिश नहीं रची गई थी। हमारा कार्यक्रम और रैलियां किसी साजिश का हिस्सा नहीं थे। जोशी ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि सभी को अब राम मंदिर निर्माण के लिए उत्साहित होना चाहिए।

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