कोविड पॉजीटिव्ह रिकव्हर की मौत

0

बालाघाट (पद्मेश न्यूज़)। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर भरवेली थाना अंतर्गत आने वाले अमेडा गांव में 20 सितंबर की रात को एक व्यक्ति की मौत हो गई, ग्रामीणों ने बताया कि यह व्यक्ति बीते दिनों कोरोना पॉजीटिव्ह था। जिसे जिला अस्पताल से छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। 5 दिन पहले ही यह मरीज वहां से ठीक होकर लौटा और उसकी मौत हो गई। कोरोना पॉजीटिव्ह है व्यक्ति की अस्पताल से लौटने के 5 दिन बाद मौत हो जाने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया, स्वास्थ विभाग का अमला तत्काल है ग्राम में नहीं पहुंचा ना ही वहां लोगों को कोई दिशा निर्देश दिए गए। यही कारण है कि मृतक का अंतिम संस्कार सामान्य व्यक्तियों की तरह किया गया, यह गंभीर विषय होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संबंधित अमले ने बरती लापरवाही
इस मामले में लापरवाही यह है कि कोई व्यक्ति 5 दिन पहले कोविड अस्पताल से ठीक होकर घर लौटता है उसे 7 दिन तक होम आएशोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है। लेकिन पांचवें दिन ही उस व्यक्ति की मौत हो जाती है इस बात की सूचना बकायदा ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है बावजूद इसके उस व्यक्ति का सामान्य व्यक्ति की तरह ग्रामीण अंतिम संस्कार कर देते हैं। कोई व्यक्ति अगर हम आइसोलेशन में रहता है तो उसकी जानकारी एकत्र करने के लिए ग्राम स्तर पर भी कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं अगर ग्राम स्तर के कर्मचारी द्वारा छिंदवाड़ा के कोविड सेंटर से आए व्यक्ति की मौत हो जाने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई हो तो यह उसकी लापरवाही है अथवा जानकारी देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का अमला अगर नहीं पहुंचा हो तो यह स्वास्थ्य विभाग के अमले की लापरवाही कहा जा सकता है।
तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीज

यह बताएं कि इस समय कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं जिले के लोग इसी बात से चिंतित है कि वे कोरोना संक्रमण के दायरे में ना आ जाए। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी लगातार दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं और पूरी सावधानी बरतने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि ग्राम अमेडा के 65 वर्षीय व्यक्ति का इलाज छिंदवाड़ा में कोरोना होने के चलते किया गया तो फिर उसके वापस लौटने के बाद मृत्यु होने की स्थिति में सावधानियां क्यों नहीं बरती गई। उस व्यक्ति की अगर सामान्य मृत्यु भी हुई है तो उसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच करने के बाद किया जाना था।
छिंदवाड़ा से आए तो नॉर्मल बताया गया था – सुधीर चौधरी
ग्राम का अमेड़ा निवासी सुधीर गुड्डू चौधरी ने बताया कि मृतक की रिपोर्ट जब कोरोना पॉजीटिव्ह आई थी उस दौरान उसके घर को सील किया गया था 10 दिनों तक परिवार के लोगो को घर से बाहर निकलने नही दिया गया था। लेकिन जब इस व्यक्ति के मौत की खबर स्वास्थ्य विभाग को दी गई तो उनके द्वारा यह कहा गया कि वे नार्मल हो चुके है। 5 दिन पूर्व ही वह छिंदवाड़ा के हॉस्पिटल से आया था लोगों द्वारा कहा जा रहा है वह कोरोना से नहीं मरा है। या तो उसकी किसी बीमारी से मृत्यु हुई या यह भी लगता है छिंदवाड़ा के कोरोना सेंटर में भिजवाने से मानसिक रूप से परेशान होने के कारण उसकी मृत्यु हुई होगी। छिंदवाड़ा से आने पर उसे नॉर्मल बताया गया था, आज उसका अंतिम संस्कार गांव में ही उसके परिवार और गांव के लोगों द्वारा किया गया।
इसकी जानकारी नहीं है – सीएमएचओ
इस विषय पर पद्मेश न्यूज़ ने जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि अमेडा में कोई व्यक्ति की मौत हुई है वह बीते दिनों संक्रमित था और छिंदवाड़ा से इलाज कराकर वापस लौटा है इस विषय पर जानकारी नहीं है जल्दी जानकारी ली जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here