क्या आपको भी मिला SEBI के नाम वाला लेटर? शेयर बाजार में निवेश करते हैं

0
  • शेयर बाजार में निवेश करने वालों को सेबी ने आगाह किया है कि उसके नाम पर आने वाले नोटिस को लेकर सावधान रहें। बाजार नियामक ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले आजकल सेबी के लेटरहेड पर फर्जी नोटिस जारी करते हैं ओर निवेशकों के साथ फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। बाजार नियामक ने निवेशकों को अपने नाम से जारी किये जा रहे फर्जी नोटिस को लेकर सावधान किया और कहा है कि नोटिस में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) के भुगतान की मांग की जा रही है। ऐसा कोई भुगतान करने से पहले निवेशक नोटिस की सत्‍यता को जरूर परख लें।
  • अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को एक बड़े फर्जीवाड़े के प्रति आगाह किया है। जालसाज आजकल सेबी के आधिकारिक लेटरहेड, मुहर और प्रतीकों का दुरुपयोग करके फर्जी नोटिस जारी कर रहे हैं। इन नोटिसों के माध्यम से निवेशकों से प्रतिभूति लेनदेन कर (Security Transaction Tax – STT) के नाम पर पैसों की मांग की जा रही है। सेबी ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को ऐसे किसी भी फर्जी नोटिस के झांसे में आकर पैसा ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।
  • फर्जी नोटिस का खेल और STT का जाल
  • सेबी के संज्ञान में आया है कि धोखेबाज वित्त अधिनियम, 2004 के तहत एसटीटी अनुपालन की मांग करते हुए जाली नोटिस भेज रहे हैं। नियामक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये नोटिस सेबी द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। सेबी ने निवेशकों को सूचित किया है कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री के दौरान लगने वाला एसटीटी सीधे ब्रोकर द्वारा एकत्र किया जाता है। सेबी कभी भी एसटीटी राशि जमा करने के लिए निवेशकों को सीधे नोटिस जारी नहीं करता है और न ही इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर कोई कार्यवाही करता है।
  • सेबी अधिकारियों के नाम पर धोखाधड़ी
  • जालसाज केवल लेटरहेड का ही नहीं, बल्कि सेबी अधिकारियों की पहचान की भी नकल कर रहे हैं। वे भोले-भाले निवेशकों को जाली ईमेल, पत्र या नोटिस भेजकर अपने फर्जी बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। सेबी ने निवेशकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी सूचना या भुगतान की मांग करने वाले पत्रों की प्रामाणिकता की जांच आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अवश्य करें।

जोखिम-मुक्त लाभ का वादा करने वालों से सावधान

इसके अलावा, सेबी ने उन धोखेबाजों से भी सावधान किया है जो फर्जी खाता संचालक या कोष प्रबंधक बनकर निवेशकों को शेयर बाजार में जोखिम-मुक्त लाभ (Risk-free returns) का झांसा देते हैं। ये धोखेबाज संस्थाएं पोर्टफोलियो या खाता प्रबंधन सेवाएं देने का दावा करती हैं और अक्सर निवेशकों के ट्रेडिंग खाते की निजी जानकारी मांगती हैं। वे मुनाफे का एक हिस्सा भी वसूलते हैं, लेकिन अगर नुकसान होता है, तो पूरा जोखिम निवेशक को ही उठाना पड़ता है। सेबी ने स्पष्ट किया है कि शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और कोई भी संस्था गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं कर सकती।

निवेशक कैसे करें बचाव?

  • नोटिस की जांच करें: अगर आपको सेबी के नाम से कोई नोटिस या ईमेल मिलता है, तो उसे SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वेरिफाई करें।
  • पैसा ट्रांसफर न करें: फर्जी नोटिस में दिए गए बैंक खातों में कोई भी पैसा ट्रांसफर न करें।
  • निजी जानकारी साझा न करें: अपने ट्रेडिंग खाते का यूजर आईडी, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
  • शिकायत दर्ज करें: अगर आपको किसी फर्जीवाड़े का संदेह है, तो तुरंत SEBI के आधिकारिक पोर्टल (SCORES) पर शिकायत दर्ज करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here