भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) द्वारा नियुक्त एजेंसियों की ओर से किए जा रहे आडिट में खजराना गणेश मंदिर को सेफ भोग (ब्लीसफुल हाइजेनिक आफरिंग टू गाड) स्थल के रूप में एक बार फिर साफ-स्वच्छ परिसर और गुणवत्तायुक्त प्रसाद के लिए बेहतर धर्मस्थल का दर्जा मिल सकता है। इस बार मंदिर में फूल, पत्ती और अन्य पूजा सामग्री के वेस्ट से खाद बनाने का प्लांट भी लगाया है। कोरोना महामारी को देखते हुए मंदिर परिसर में वैक्सीनेशन शिविर भी लगाया गया है। साथ ही शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए दर्शन कराए जा रहे हैं।
शुक्रवार को अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, आडिट के लिए नियुक्त एजेंसी इंडिया नियर्स फूड सेफ्टी मैनेजमेंट की डायरेक्टर शालू दुआ, विक्रम दुआ, एफएसएसएआइ आडिट पार्टनर नाजनीन पगड़ीवाला ने खजराना मंदिर, छप्पन दुकान और सराफा चौपाटी के आडिट के बारे में बताया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सोनी, अवशेष अग्रवाल, राकेश त्रिपाठी, पुष्पक द्विवेदी आदि मौजूद थे। पत्रकारों से चर्चा में आडिट एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि खजराना गणेश मंदिर परिसर की दुकानों पर भगवान को चढ़ाए जाने वाले लड्डू बहुत स्वच्छता के साथ रखे जा रहे हैं। पहले लड्डू खुले में रखे रहते थे, लेकिन अब उनको कांच वाले काउंटर बनाकर दिए जा रहे हैं।









































