गरीब किसान बनकर 9 करोड़ की चपत

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज़)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीब किसानों को आर्थिक मदद करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सम्मान निधि के माध्यम से 6 हजार प्रति वर्ष दिए दिए जा रहे हैं। लेकिन यहां भी बालाघाट जिले के इनकम टैक्स जमा करने वाले धनवान किसान और  सरकारी नौकरी में लाखों रुपए का वेतन लेने वाले कर्मचारी अधिकारियों द्वारा शासन को योजना का लाभ लेकर 9 करोड़ रुपये की चपत लगा दी गई।  जिसकी वसूली के लिए बीते दिनों कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा नोटिस जारी किया गया बावजूद इसके अब तक 10 प्रतिशत धनवान किसानों ने महज 6 हजार की राशि शासन को वापस नहीं की है। कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित भू अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार जिले के भीतर 15584 धनवान किसान जो लाखों रुपए की कमाई करने पर शासन को इनकम टैक्स जमा करते हैं सरकारी कर्मचारी अधिकारी जो प्रतिवर्ष शासन से लाखों रुपए की वेतन प्राप्त करते हैं इनके द्वारा गरीब और जरूरतमंद किसानों के लिए शुरू की गई योजना पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले लिया गया। जिसकी राशि 9 करोड़ 35 लाख  4 हजार रुपिये है। जब इस मामले की परत दर परत जांच हुई तो पता चला कि जिले के भीतर धनवान किसानों ने गरीब किसानों के नाम से शुरु योजना का लाभ लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। नतीजा जिला प्रशासन ने स्वयं पहल करके अपने शासकीय कर्मचारी अधिकारियों को नोटिस भेजा और चेतावनी तक दे दी कि जो कर्मचारी अधिकारी जल्द से जल्द पीएम सम्मान निधि का लाभ प्राप्त की गई राशि 6 हजार जमा नहीं करेगा तो उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी।  आंकड़ों के अनुसार 6 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी अधिकारियों ने इस योजना का लाभ लिया है बाकी सभी व्यापारिक वर्ग, दुकानदार,  निजी कंपनी में मोटी रकम पर काम करने वाले लोग हैं। लेकिन नोटिस पर नोटिस जाने के बाद भी अब तक महक 804 धनवान किसानों ने कुल 48 लाख 24 हजार रुपये ही शासन के खाते में जमा करवाए हैं।  इस तरह अब भी 8 करोड़ 86 लाख 80 हजार पीएम सम्मान निधि का लाभ प्राप्त करने वाले लोगों को शासन के खाते में जमा करना बाकी है। इस बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि सरकारी रेवड़ी की लूट का लाभ लेने में निजी क्षेत्र के लोगों के साथ ही सरकारी कर्मचारी अधिकारी भी किसी से पीछे नहीं है और ना ही इसे शासन के आला अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे हैं,  तभी तो 6 हजार से अधिक शासकीय कर्मचारी अधिकारियों की सूची में से महज 800 लोगों ने ही अब तक शासन की राशि को वापस किया है। जब आप निजी क्षेत्र के धनवान किसानों पर भी लागू हो रही है। देखना अब यह है कि आगामी दिनों में कब तक जिले की धनवान किसान गरीब किसानों की योजना का लाभ का पैसा शासन के खाते में जमा करवाते हैं।

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