गलत UPI ID पर भेज दिए पैसे? परेशान न हों, अपना पैसा वापस पाने के लिए तुरंत अपनाएं ये 3 तरीके

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डिजिटल इंडिया के इस दौर में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने हमारी जिंदगी बहुत आसान बना दी है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह हम बस एक QR कोड स्कैन करते हैं या मोबाइल नंबर डालते हैं और पेमेंट हो जाता है। लेकिन इस रफ्तार के साथ एक छोटी सी गलती की गुंजाइश भी बनी रहती है। अक्सर जल्दबाजी में हम गलत मोबाइल नंबर या गलत UPI ID दर्ज कर देते हैं, जिससे पैसा किसी अनजान व्यक्ति के खाते में चला जाता है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और मान लेते हैं कि उनके पैसे अब कभी वापस नहीं आएंगे। लेकिन हकीकत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI के पास ऐसे नियम हैं, जिनकी मदद से आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं।

पैसे वापस पाने के लिए करें ये काम

अगर आपके साथ ऐसा होता है, तो सबसे पहले जैसे ही आपको पता चले कि पैसा गलत खाते में गया है, बिना देरी किए अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें या बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर इसकी जानकारी दें। बैंक को ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, राशि और ट्रांजैक्शन आईडी (UTR Number) जरूर बताएं। बैंक आपकी शिकायत दर्ज करेगा और उस व्यक्ति के बैंक से संपर्क करने की कोशिश करेगा जिसे गलती से पैसे मिले हैं। यदि सामने वाला व्यक्ति ईमानदार है और अनुमति देता है, तो बैंक पैसे वापस ट्रांसफर कर सकता है। याद रखें, बैंक अपनी मर्जी से किसी के खाते से पैसे नहीं निकाल सकता, इसलिए आपको बैंक के साथ सहयोग करना होगा।

दूसरा तरीका है NPCI (National Payments Corporation of India) की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करना। आप NPCI के पोर्टल पर जाकर ‘What we do’ सेक्शन में ‘UPI’ को चुनें और फिर ‘Dispute Redressal Mechanism’ पर क्लिक करें। यहाँ आप ‘Transaction Tab’ में अपनी शिकायत की पूरी डिटेल भर सकते हैं। इसके अलावा, आप उस पेमेंट ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm) के ‘Help’ सेक्शन में जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं जिससे आपने ट्रांजैक्शन किया था। ये ऐप्स भी रिफंड की प्रक्रिया शुरू करने में आपकी मदद करते हैं।

अगर बैंक या ऐप के जरिए समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप ‘RBI Ombudsman’ (लोकपाल) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यह एक सरकारी संस्था है जो बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का निवारण करती है। इसके साथ ही, राजस्थान पुलिस और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी सुझाव दिया है कि अगर आपको लगता है कि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हुई है या पैसे जानबूझकर वापस नहीं किए जा रहे हैं, तो आप तुरंत साइबर सेल (Cyber Cell) में शिकायत दर्ज कराएं। आप हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं या साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं। डिजिटल लेन-देन के समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है, लेकिन गलती होने पर सही समय पर उठाया गया कदम आपकी मेहनत की कमाई को वापस दिला सकता है।

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