वन परिक्षेत्र से लगे जिले के विभिन्न इलाकों में इन दिनों वन्य प्राणियों की हलचल लगातार बनी हुई है। जहां वन्य प्राणी अक्सर जंगलों से लगे रहवासी क्षेत्र में विचलन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।जिसके चलते जहां एक ओर वन्य प्राणियों को लेकर लोगों में भय का वातावरण निर्मित हो रहा है तो वही दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीण वन्य प्राणियों के विचलन से दहशत में है। उधर चाह कर भी वन विभाग वन्य प्राणियों का रेस्क्यू नहीं कर पा रहा है। रहवासी क्षेत्र में वन्य प्राणी के विचलन का ताजा मामला जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर ग्राम कनकी पंचायत का बताया जा रहा है ।जहां पिछले कुछ दिनों से रहवासी क्षेत्र में भालू की दस्तक ने लोगों को भयभीत कर रखा है और गांव में दहशत का माहौल है। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है।
रेजर बिसेन की नर्सरी के पास घूमता दिखा भालू
प्राप्त जानकारी के अनुसार वन्य प्राणी भालू ग्राम पंचायत कनकी मे नर्सरी के पहले रेंजर बिसेन के खेत के पास दिखाई दिया है। जिसका कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया। तो वहीं उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करते हुए सभी किसान भाईयों से मंगरघाट या नर्सरी की ओर जाते समय सतर्क रहने की अपील की है। तो वहीं उन्होंने प्रशासन से उक्त भालू का रेस्क्यू कर उसे बड़े जंगलों मे ले जाने की भी गुहार लगाई है।
वन विभाग ने भी सतर्कता बरतने के दिए निर्देश
आपको बताए कि वारासिवनी परिक्षेत्र में विगत एक पखवाड़े से रहवासी क्षेत्र में वन्यप्राणी भालु की मौजूदगी ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है, बावजूद इसके वनविभाग इसका रेस्क्यु कर, उसे वनक्षेत्र की ओर नहीं भेज पा रहा है। शुक्रवार को रहवासी क्षेत्र में नर्सरी और खेत के पास भालु को विचरण करते देखा गया। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।हालांकि अच्छी बात यह है कि अब तक वन्यप्राणी भालु ने किसी ग्रामीण को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन वनविभाग ने लोगों से रहवासी क्षेत्र में विचरण कर रहे वन्यजीव भालु की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है।
भालू को जंगल में खदेड़ने के लिए विभाग प्रयासरत है-यूके
इस पूरे मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान वारासिवनी परिक्षेत्र के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी भास्कर यूके ने बताया कि विगत कई दिनों से वन्यजीव भालु, कनकी सर्किल के रहवासी क्षेत्र में देखा जा रहा है। इसके पहले रटेगांव, कोसमी, खमरिया, निलजी, कनकी में देखा गया था। शुक्रवार को यह बेहरई में देखा गया। जिसकी सूचना के बाद वनअमला, उस पर नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि 15 से 20 दिन पहले, पहली बार वन्यजीव भालु के दिखाई देने पर सिवनी से रेस्क्यु टीम को रटेगांव में ट्रेकुंलाईज करने के लिए बुलाया गया था। जिस वक्त भालु झाड़ियो में बैठा था। उसका रेस्क्यु करने के लिए ऑपरेशन टीम, ऑपरेशन चलाती, इसी दौरान ग्रामीणों की देखने के बहाने भीड़ जमा होने के कारण वन्यजीव भालु, वहां से अन्यत्र चला गया।उन्होंने बताया कि वन्यजीव भालु रमरमा क्षेत्र के जंगलो से रहवासी क्षेत्र में आ गया है। जिसे कोई नुकसान ना पहुंचाए, इसको लेकर विभाग गंभीर है और लगातार उसके रेस्क्यु तथा उसे जंगल में खदेड़ने के लिए विभाग प्रयासरत है। वहीं रहवासी क्षेत्र के ग्रामीणो से भी अपील की गई है कि वह जंगली क्षेत्र में ना जाए।










































