बालाघाट घर में घुसकर एक नाबालिक लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में आरोपी योगेश पिता भीवराम बडमे 30 वर्ष को 3 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश श्रीमती नौशीन खान की अदालत ने लांजी थाना क्षेत्र के इस आरोपी को 3 वर्ष की कठोर कारावास के अलावा 2हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किए हैं।
अभियोजन के अनुसार यह नाबालिक पीड़िता अपनी चाची चाचा के पास अपने भाई-बहन के साथ निवास करती थी। इसके माता-पिता हैदराबाद मजदूरी करने जाते हैं। 28 अगस्त 2022 की रात्रि पीड़िता अपनी बहन के साथ कमरे में सो रही थी। दरवाजा बंद था। लड़की का चाचा लांजी आर्केस्ट्रा देखने के लिए गया था। तभी योगेश कमरे में आकर बुरी नीयत से पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने लगा। नींद खुली तो पीड़िता चिल्लाई। आवाज सुनकर उसकी चाची कमरे में आ गई। तब योगेश वहां से भाग गया। चाचा के आने पर इस पीड़िता ने घटना के संबंध में बताई। तब पीड़िता के चाचा ने कमरे में जाकर देखा दरवाजे के पीछे योगेश छिपा हुआ था। जिसे पकड़ कर बाहर निकले इस दौरान गांव के लोग भी आ गए थे ।100 डायल को बुलाया गया। पीड़िता द्वारा की गई रिपोर्ट पर योगेश के विरुद्ध धारा 456 354 भादवी और धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर इस अपराध में योगेश को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विद्वान अदालत में पेश किया गया। यह मामला लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश श्रीमती नौशीन खान की अदालत में चला। जहां अभियोजन पक्ष।आरोपी योगेश के विरुद्ध आरोपित अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। जिसके परिणाम स्वरुप विद्वान अदालत ने आरोपी योगेश को धारा 456 354 भादवी और धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध में दोषी पाया। विद्वान अदालत ने मामले की समस्त परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी योगेश पिता भीवराम बड़मे 30 वर्ष ग्राम मनेरी फटा थाना लांजी निवासी को धारा 456 भादवि के तहत अपराध में 1 वर्ष की कठोर कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड और धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध में 3 वर्ष की कठोर कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किये। अभियोजन की ओर से इस मामले की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी कपिल कुमार डहेरिया के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती आरती कपले द्वारा की गई थी।








































