बालाघाट
जिले की चांगोटोला थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम घघरिया में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई।जब इसी ग्राम की तीन मासूम बच्चे लापता हो गये। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इन तीनों मासूम बच्चों को उन्हीं के रिश्तेदारी ग्राम सुरिया से दस्तयाब कर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए।
चांगोटोला पुलिस के मुताबिक 31 जनवरी को ग्राम घघरिया से तीन नाबालिग बच्चों के गुम होने की सूचना प्राप्त हुई। गुमशुदा बच्चों की उम्र क्रमशः 6 वर्ष, 12 वर्ष एवं 13 वर्ष बताई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शशांक राणा द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया।
पुलिस अधीक्षक बालाघाट एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) परसवाड़ा के मार्गदर्शन में थाना परसवाड़ा, लामटा एवं चांगोटोला के लगभग 75 पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें गठित कर बच्चों की खोजबीन शुरू की गई।
लगातार प्रयासों, परिजनों एवं ग्रामीणों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों बच्चे लामता। थाने की चरेगांव पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुरिया में हैं। जो ग्राम घघरिया से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) परसवाड़ा के नेतृत्व में एक टीम परिजनों के साथ ग्राम सुरिया पहुँची। जहाँ तीनों बच्चे अपने रिश्तेदार के घर पर सकुशल मिले।पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बच्चे लगभग सुबह 9 बजे सुरिया पहुँचे थे। बच्चों ने बताया कि माता-पिता की डाँट से नाराज़ होकर वे ट्रेन से चरेगांव पहुंचे और वहाँ से सुरिया चले गए थे। आवश्यक पूछताछ के पश्चात तीनों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) परसवाड़ा, थाना प्रभारी चांगोटोला, थाना प्रभारी लामटा, थाना प्रभारी परसवाड़ा, तीनों थानों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं एसएएफ बल की सराहनीय भूमिका रही।










































