देश में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान इक्विटी बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) दोगुना से अधिक होकर 17.57 अरब डालर पर पहुंच गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार सरकार द्वारा एफडीआइ नीति के मोर्चे पर उठाए गए कदमों तथा निवेश व कारोबार सुगमता के चलते भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को कहा गया है कि नीतिगत सुधारों तथा कारोबार सुगमता की वजह से एफडीआइ में यह उछाल दर्ज किया गया है। बयान के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2021) में कुल एफडीआइ प्रवाह 22.53 अरब डालर रहा, जो पिछले वर्ष समान तिमाही में 11.84 अरब डालर था। आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान एफडीआइ इक्विटी प्रवाह में 48 फीसद हिस्सा अकेले कर्नाटक को मिला। कुल एफडीआइ का 23 फीसद महाराष्ट्र को और 11 फीसद दिल्ली को मिला।
27 फीसद हिस्सेदारी वाहन क्षेत्र की
कुल एफडीआइ इक्विटी प्रवाह में सबसे अधिक 27 फीसद हिस्सेदारी वाहन क्षेत्र की रही। उसके बाद कंप्यूटर साफ्टवेयर और हार्डवेयर (17 फीसद) और सेवा क्षेत्र (11 फीसद) का हिस्सा रहा। बयान के अनुसार वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एफडीआइ इक्विटी प्रवाह 168 फीसद बढ़कर 17.57 अरब डालर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष समान तिमाही में 6.56 अरब डालर था।










































