चीन में कोरोना से मची तबाही का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। ऐसे में अब शी जिनपिंग की सरकार उन लोगों को एक-एक कर गायब कर रही है जिन्होंने कोरोना प्रतिबंधों के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
बीबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने अब तक 100 लोगों को चुपचाप हिरासत में लिया है। इनमें काफी सारी महिलाएं भी हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। एक संगठन ने गैर कानूनी तरीकों से हिरासत में लिए गए लोगों की लिस्ट भी जारी की है।
हिरासत में लिए लोग अमेरिका और ब्रिटेन से पढ़कर लौटे
कोरोना पाबंदियों के खिलाफ पिछले साल नवंबर में चीन में हजारों लोगों ने व्हाइट पेपर हाथ में लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दौरान भी पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि अब ये गिरफ्तारियां तेज हो गई हैं। BBC के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोग एक्टिविस्ट नहीं हैं बल्कि लेखक, पत्रकार , टीचर और संगीतकार हैं जो अमेरिका और ब्रिटेन से पढ़ाई कर वापस लौटे थे।
पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं से सवाल कर रही है कि क्या ये किसी फेमिनिस्ट ग्रुप की मेंबर हैं। दरअसल शी जिनपिंग की सरकार काफी समय से उन लोगों पर भी नजर बनाए हुए है जो महिलाओं के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। चीन बिल्कुल नहीं चाहता है कि वहां किसी भी तरह से भविष्ट में प्रदर्शन का माहौल बने। बीबीसी को एक युवक ने बताया कि पुलिस ने जिन महिलाओं को हिरासत में लिया है उनमें से एक उसकी गर्लफ्रेंड भी है।
युवक ने अपनी पहचान बताने से मना करते हुए बताया कि जब उसकी गर्लफ्रेंड को पुलिस ने उठाया तो वो फोन पर बात कर रहे थे। वो युवक को बता रही थी कि उसके कई और दोस्तों को भी पुलिस ने अचानक से आकर उठा लिया। वो जब अपने मोबाइल फोन से सारी चैट डिलीट कर रही थी तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।










































