चेयरमैन के निर्वाचन की अधिसूचना जारी, बहुमत के आधार पर सहमति अधर में

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प्रदेश के एक लाख से अधिक वकीलों का पंजीयन करने वाली संस्था एमपी स्टेट बार कौंसिल के मुखिया यानी चेयरमैन का निर्वाचन बारह-तेरह के फेर में उलझा हुआ है। पूर्व चेयरमैन शिवेंद्र उपाध्याय और रामेश्वर नीखरा एक बार फिर आसंदी पर आसीन होने का सपना संजोये हुए हैं। वहीं युवा सदस्यों की एकजुटता अपेक्षाकृत नए चेहरे को यह जिम्मेदारी सौंपने की तरफ झुकी हुई नजर आ रही है। इसके बावजूद फिलहाल बहुमत के आधार पर सहमति अधर में लटकी हुई है।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 की दस्तक से पहले राज्य स्तरीय मतदान के बाद एक सैकड़ा से अधिक प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हुआ था। जब मतगणना का समय आया, तब कोविड-19 का संकट गहरा गया। इसके बावजूद शारीरिक दूरी व मास्क-सैनिटाइजर आदि सावधानियां अनिवार्य करते हुए मतगणना शुरू की गई। लंबी जद्दोजहद के बाद मतगणना के सभी चरण पूर्ण हुए और 25 विजेता सदस्यों के नाम सामने आ गए।

हाथ उठाकर किया जाएगा किस्मत का फैसलाः स्टेट बार सचिव प्रशांत दुबे ने बताया कि 21 नवंबर, 2020 को चेयरमैन के निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस दिन स्टेट बार मुख्यालय जबलपुर में सभी 25 सदस्य एकत्र होंगे। इस दौरान हाथ उठाकर चेयरमैन चुना जाएगा। जिस प्रत्याशी के पक्ष में बहुमत के 13 वोट पड़ेंगे, वही चेयरमैन घोषित कर दिया जाएगा।

चेयरमैन पद हासिल करने के लिए 13 के समर्थन की दरकारः नियमानुसार निर्वाचित 25 सदस्यों में से 13 सदस्यों का एक तरफ होना अनिवार्य है। जिस सदस्य के पक्ष में 13 का समर्थन होगा, वह चेयरमैन निर्वाचित हो जाएगा वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के बीच भौतिक मीटिंग मुमकिन नहीं हो पा रही है। ऐसे में वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिये राज्यस्तरीय बैठक आहूत करने का निर्णय लिया गया। लेकिन सहमति न बनने की वजह से उसे दरकिनार कर दिया गया।

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