छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के वार्ड नंबर १ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के प्रारंभ में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थल पर २२ फ रवरी को प्रगतिशील कुनबी समाज संगठन के तत्वाधान में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य वक्ता श्रीरंग देवरस , विशाल खोगल, एसन लानगे ,परमेश्वर कुथे सहित अन्य लोगों की उपस्थिति में प्रारंभ किया गया। जिसमें सर्वप्रथम उपस्थित जनों के द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात छत्रपति शिवाजी महाराज और मां भवानी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद उपस्थित जनों के द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि आज हम एक ऐसी विभूति का स्मरण कर रहे हैं जिनका नाम सुनते ही धमनियों में साहस का संचार होने लगता है वह छत्रपति शिवाजी महाराज हैं। वे केवल एक कुशल योद्धा या राजा नहीं थे बल्कि वे एक राष्ट्र निर्माता और स्वराज की संकल्पना के जनक थे। वह वास्तव में शौर्य और सुशासन के प्रतीक हैं शिवाजी महाराज का जन्म उस दौर में हुआ था जब भारत विदेशी आक्रांताओं के दमन से जूझ रहा था। उन्होंने मु_ी भर मावलों के साथ मिलकर दुनिया की तत्कालीन महाशक्तियों मुगल और बीजापुर सल्तनत को चुनौती दी। उनकी गनिमी कावा छापामार युद्ध नीति आज भी दुनिया भर के सैन्य रणनीतिकारों के लिए शोध का विषय है। प्रतापगढ़ का युद्ध हो या सिंहगढ़ की विजय उनका हर कदम बुद्धिमत्ता और वीरता का अद्भुत मिश्रण था। शिवाजी महाराज का शासन केवल किलों को जीतने तक सीमित नहीं था। उनका असली पराक्रम उनके लोक कल्याणकारी प्रशासन में दिखता है। उन्होंने सख्त नियम बनाए थे कि युद्ध के दौरान भी महिलाओं और बच्चों को कोई क्षति ना पहुँचे। उन्होंने एक व्यवस्थित मंत्रि परिषद बनाई जो आधुनिक लोकतंत्र के शुरुआती स्वरूप जैसा था। उन्होंने समुद्र की रक्षा के महत्व को समझा और एक सशक्त नौसेना तैयार की जिसके कारण उन्हें फ ादर ऑफ इंडियन नेवी कहा जाता है। शिवाजी महाराज का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधन कम होने पर भी यदि संकल्प दृढ़ हो तो इतिहास बदला जा सकता है। उनका हिंदवी स्वराज किसी एक जाति या धर्म का नहीं बल्कि हर अन्याय पीडि़त व्यक्ति का राज्य था। आज के युवाओं के लिए उनके विचार एक मशाल की तरह हैं। इस अवसर पर शरद आड़े, प्रणय श्रीवास्तव, संतोष लिल्हारे ,टी आर मेढेकर, टी सी डायरे, विजय वाहिले ,अजय साखरे ,हीरासिंह चंदेल ,संतोष चौहान, संगीता वाहिले ,प्रमिला डायरे ,मीना बिसेन ,दीपाली साहू ,वर्षा वहिले ,कमलेश डायरे ,योगेश डायरे ,नानू वहिले ,नवनीत वहिले सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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