जहां मैटर बड़े होते हैं वहां रिंकू सिंह खड़े होते हैं, अगर नहीं खेलते तूफानी पारी तो नेपाल से हार जाता भारत

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एशियन गेम्स में नेपाल के खिलाफ शतक भले ही यशस्वी जायसवाल के बल्ले से निकला हो, लेकिन चर्चा रिंकू सिंह की भी कम नहीं हो रही। आखिरी ओवर्स में रिंकू सिंह की विस्फोटक पारी के बूते ही भारत 200 रन का आंकड़ा पार कर पाया। बाएं हाथ के युवा फिनिशर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंद में ताबड़तोड़ 37 रन कूट दिए। इस दौरान उन्होंने 246.66 की स्ट्राइक रेट से दो चौके तो चार गगनचुंबी छक्के भी उड़ाए। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 202 रन बनाए, जिसके जवाब में नेपाल ने भी कड़ी टक्कर दी और 179 रन बना लिए थे, लेकिन 23 रन से मैच हार गया, इस तरह रिंकू सिंह की फिनिशिंग पारी ने ही भारत की जीत में अहम निभाई।

फिनिशर- लॉर्ड रिंकू
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल ने भारत को बढ़िया शुरुआत दिलाई। एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन वह टिके रहे। मगर अंत में उनके आउट होने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय पारी बिखर जाएगी, तब एकबार फिर रिंकू सिंह ने जलवा दिखाया। शिवम दुबे (19 गेंद में नाबाद 25) के साथ मिलकर रिंकू सिंह (15 गेंद में नाबाद 37) ने पांचवें विकेट के लिए 22 गेंद में 52 रन की अटूट साझेदारी कर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। रिंकू ने दो चौके और चार छक्के जड़े जबकि दुबे ने दो चौके और एक छक्का लगाया। रिंकू की पारी की बदौलत टीम ने 20वें ओवर में 25 रन बटोरे, जिसने इस मैच में बड़ा अंतर पैदा किया।

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