जिले के बहुचर्चित और सनसनीखेज डाली दमाहे हत्याकांड के आरोपी के विरुद्ध आरोप तय

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विद्वान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमर कुमार शर्मा की अदालत में जिले के बहुचर्चित और सनसनीखेज डाली दमाहे हत्याकांड के मुख्य आरोपी भाऊ अग्रवाल सहित 11 आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय कर दिए गये। 12 नवंबर को विद्वान अदालत में इन आरोपी के विरुद्ध आरोप तय करने के दौरान भाऊ अग्रवाल के अलावा अन्य आरोपी न्यायालय में उपस्थित रहे इन आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय होने के साथ इस सनसनीखेज और बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई इस विद्वान अदालत में शुरू कर दी गई। इस मामले के मुख्य आरोपी भाऊ अग्रवाल जेल में है और अन्य आरोपी जमानत पर पर है।

ज्ञात हो कि 28 फरवरी की रात्रि 11:30 बजे जब डाली दमाहे ग्राम गोंगलई स्थित भोले बाबा के मंदिर में सो रहे थे तभी विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष भाऊ अग्रवाल सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों ने बलवा कर दिए भाव अग्रवाल ने डाली दबाए पर चाकू से वार किए हुए अन्य आरोपियों ने डाली दमाहे को लाठी डंडे से मारपीट किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बीच-बचाव करने जब डाली दमाहे का जवाई योगेश मोहारे सहित अन्य लोग आए तीन हमलावरों ने योगेश मोहरे की कनपटी पर बंदूक तान दी और मारपीट की थी जिसे योगेश मोहरे भी घायल हो गए थे ।3 मार्च को डाली दमाहे की गोंदिया के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष भाऊ अग्रवाल उर्फ संजीव अग्रवाल वार्ड नंबर 32 नर्मदा नगर बालाघाट, अविनाश लिल्हारे ग्राम गायखुरी, रियाज मोहम्मद ग्राम गायखुरी, महेश उर्फ छोटू बिसेन ग्राम गायखुरी, संदीप कावरे ग्राम गायखुरी, हेमंत उर्फ तूफान रंनगीरे ग्राम कोसमी, प्रथम बैस नर्मदा नगर बालाघाट, वीरेंद्र उर्फ वीरू सूर्यवंशी नर्मदा नगर, बालाघाट उदय आमाडारे नर्मदा नगर बालाघाट, हर्ष उर्फ गोलू वाघाड़े के विरुद्ध धारा 147 148 307 302 भादवी के तहत अपराध दर्ज किया गया था। इस मामले का मुख्य आरोपी विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री ललित पारधी अभी तक फरार है जिसकी साजिश और षड्यंत्र के तहत डाली दमाहे की हत्या की गई थी। 31 मई को ग्रामीण थाना प्रभारी प्रदीप कुमार खन्ना ने 90 दिन के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का 269 पृष्ठीय अभियोग पत्र विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री ललित पारधी के फरारी मैं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी भूपेंद्र सिंह की अदालत में पेश किए थे। इस मामले में 43 गवाह बनाए गए हैं। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 147 148 307 302 120 बी और 109 भादवी के तहत अपराध दर्ज है। 20 जून 2022 को विद्वान सत्र न्यायालय बालाघाट से इस मामले में चालान विधिवत विचारण हेतु विद्वान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमर कुमार शर्मा की अदालत में अंतरित किया गया था। विद्वान अदालत में इस मामले के चलते 12 नवंबर को इस मामले के मुख्य आरोपी भाऊ अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किए गए। इस दौरान भाऊ अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों की न्यायालय में उपस्थिति रही। विद्वान अदालत में भाऊ अग्रवाल की ओर से हाईकोर्ट जबलपुर के अधिवक्ता संजय शर्मा , बालाघाट से अधिवक्ता पीयूष ब्रह्म के अलावा अन्य आरोपियों की तरफ से अन्य अधिवक्ताओं ने अपने तर्क प्रस्तुत किए वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक महेंद्र देशमुख के अलावा अभिजीत बापट ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए ।विद्वान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा पेश की गई दलील सुनने के बाद इस मामले के आरोपी भाऊ अग्रवाल उर्फ संजीव अग्रवाल के विरुद्ध धारा 147 148 120 ख 302 324 109 भादवी एवं धारा 25(1)बी आर्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए वहीं अन्य आरोपी के विरुद्ध धारा 147 148 120 ख 302 324 109 भादवि के तहत आरोप तय किए। इसी के साथ अब विद्वान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमर कुमार शर्मा की अदालत में जिले के इस सनसनीखेज और बहुचर्चित डाली दमाहे हत्याकांड की सुनवाई शुरू कर दी गई है।

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