पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत झालीवाड़ा थाना रामपायली में इन दिनों किसान कुदरत की मार से ज्यादा चोरों के आतंक से परेशान हैं। क्षेत्र में सक्रिय एक अज्ञात चोर गिरोह ने किसानों की नाक में दम कर रखा है। स्थिति यह है कि खेतों से सिंचाई पंपों के केबल और मोटर चोरी होना अब एक आम बात हो गई है। जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति के साथ.साथ सिंचाई अवरुद्ध होने की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
एक दर्जन से अधिक वारदातें, पुलिस अब तक खाली हाथ
प्राप्त जानकारी के अनुसार झालीवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अब तक एक दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। किसानों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार रामपायली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है लेकिन पुलिस प्रशासन का रवैया पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शिकायत के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने न तो मौका मुआयना किया और न ही गश्त बड़ाकर चोरों पर लगाम लगाने की कोशिश की।
लोहे के पिंजरों में कैद हुई सिंचाई की उम्मीद
पुलिस की निष्क्रियता और चोरों के बुलंद हौसलों का परिणाम यह है कि अब किसान अपने ही खेत में सामान रखने से डर रहे हैं। दहशत का आलम यह है कि किसान सुबह से शाम तक खेतों में डेरा डालकर अपनी मोटरों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। झालीवाड़ा से मिर्चीटोला के बीच बहने वाली नहर पर किसानों ने अपनी पानी की मोटर को बचाने के लिए लोहे के सरियों की मजबूत पिंजरा बनवाकर उसे पुलिया पर स्थाई रूप से फि ट करवाया है। खेती की लागत के अलावा अब किसानों को सुरक्षा के लिए हजारों रुपये अलग से खर्च करने पड़ रहे हैं।
प्रशासन की अनदेखी से पनप रहा आक्रोश
चोर एक निश्चित अंतराल पर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं जिससे साफ है कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं है। यदि समय रहते पुलिस प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और गश्त नहीं बढाई तो आने वाले समय में किसान को ओर नुकसान सहन करने लिए विवश होंना पड़ेगा। वर्तमान में किसान डरे हुए हैं और खुले में मोटर या केबल छोडऩे की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि रामपायली पुलिस इस गहरी नींद से कब जागती है और किसानों को इस आतंक से कब मुक्ति दिलाती है।
पानी की मोटर का केबल और मोटर चोरी गलत है हर किसान को नुकसान होता है – प्रदीप बिसेन
ग्रामीण प्रदीप बिसेन ने बताया कि खेती किसानी में बड़ी मुश्किल से किसान ट्यूबवेल कर पानी की मोटर लगवाता है। ताकि बेहतर खेती कर अच्छी उपज प्राप्त कर सके। किंतु लोग पानी की मोटर का केबल और कुछ बार मोटर भी चोरी कर लेते हैं। चोर हमें पता नहीं है किंतु ऐसा जो हो रहा है वह बहुत गलत है और इससे हर किसान को नुकसान होता है। शासन प्रशासन को आगे आकर इस प्रकार चोरी की वारदातों को रोकना चाहिए। किसान गरीब होता है बड़ी मुश्किल से वह अपने संसाधन लगाता है और जब वह चोरी हो जाते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान और दुख उसे होता है। मेरे स्वयं के घर का ५०० मीटर केबल चोरी गया आर्थिक नुकसान हुआ यह तकलीफ की बात है। २ वर्ष से यह सिलसिला चल रहा है शिकायत करें है पर पुलिस प्रशासन ने आकर तक नहीं देखा है हम चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन इस विषय पर ध्यान दें।
मिर्ची टोला में चोरी की १२ से अधिक घटना घटित हो चुकी है – सुरेश बोपचे
ग्रामीण सुरेश बोपचे ने बताया कि अभी १० दिनों से सब शांत है इसके पहले चोरी हुई थी और उसके पहले तो अनेको बार चोरी हो गई है। यह चोर बोर से मोटर निकाल कर बाहर छोड़ देते हैं और पूरा केबल चोरी कर ले जाते हैं। मिर्ची टोला में अभी तक यहां १२ से अधिक किसानों के साथ घटना घटित हो चुकी है। इसमें मेरा ३०० मीटर और मेरे भाई का २०० मीटर केबल चोरी हुआ था जिसमें हमें नुकसान हुआ। नया केबल खरीदना पड़ा ८ दिन सिंचाई बंद रही उसे दौरान फ सल को भी नुकसान हुआ। ३०० मीटर केबल मुझे १२,००० का पड़ा और मेरे भाई को २०० मीटर ८,००० का इस प्रकार २०,००० रूपये का हमें नुकसान हुआ। मैंने तो शिकायत नहीं किया पर गांव के दूसरे किसानों ने पुलिस थाने में शिकायत करी हैं। किंतु पुलिस आई नहीं जबकि प्रशासन को ध्यान देना चाहिए इस प्रकार की हरकतों से किसान की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। उससे नुकसान होता है इस पर पुलिस को कार्यवाही करनी चाहिए।









































