अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की वापसी के बाद अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने का असर दिखने लगा है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश में पकड़े जाने वाले भारतीयों की संख्या में पिछले साल की तुलना में गिरावट आई है, लेकिन सख्ती के बावजूद हर दिन औसतन 65 भारतीय हिरासत में लिए गए।
डेटा का विश्लेषण: बाइडेन बनाम ट्रंप कार्यकाल
जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने कुल 23,830 भारतीयों को अवैध प्रवेश के दौरान पकड़ा। यदि इसकी तुलना 2024 (जो बाइडन का कार्यकाल) से करें, तो तब यह संख्या 85,119 थी।
नया ट्रेंड: परिवारों के बजाय ‘सिंगल एंट्री’ पर जोर
इस साल के आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पकड़े गए सभी भारतीय ‘अकेले’ (Single Entity) थे।
- 2024 का ट्रेंड: लगभग 20,000 भारतीय अपने परिवार (पत्नी, बच्चों) के साथ पकड़े गए थे।
- 2025 का बदलाव: ट्रंप की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के डर से अब लोग परिवार के साथ जोखिम लेने से बच रहे हैं।
बदला ‘डंकी रूट’: अब कनाडा-मैक्सिको नहीं, तुर्किए-दुबई रूट का इस्तेमाल
- कड़ी निगरानी के कारण घुसपैठियों ने अब अपने रास्ते बदल लिए हैं। अब पारंपरिक मैक्सिको दीवार के बजाय हवाई रास्तों का सहारा लिया जा रहा है।
- रूट में बदलाव: अब सीधा कनाडा या मैक्सिको बॉर्डर पार करने के बजाय तुर्किए-दुबई रूट से फ्लाइट के जरिए अमेरिका में एंट्री की कोशिश हो रही है।
पकड़े गए लोगों का स्थान
- कनाडा बॉर्डर: 6,968 भारतीय
- मैक्सिको बॉर्डर: 1,543 भारतीय
- विभिन्न शहर (इंटीरियर): 15,319 भारतीय (ज्यादातर वेकेशन वीजा पर आकर स्टे जंप करने वाले)।
डिपोर्टेशन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
साल 2025 में कुल 3,254 भारतीयों को वापस भारत डिपोर्ट किया गया, जो 2009 के बाद सबसे बड़ी संख्या है। पिछले 16 वर्षों में कुल 18,882 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है, जिसमें अकेले 2025 का हिस्सा काफी बड़ा है।








































