जिले में संचालित शराब के 32 समूह के आवंटन की प्रक्रिया आबकारी विभाग द्वारा की जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा तय किए गए शराब समूह के दाम अधिक होने के चलते शराब ठेकेदार इस प्रक्रिया से दूर होते जा रहे है।
जिसका नतीजा ये रहा है कि सोमवार को भी होने वाली प्रक्रिया में एक भी ठेकेदार ने अपनी सहमति नहीं दिखाई है। जिससे ये प्रक्रिया शून्य ही रही है।
आपको बताए कि कोरोना काल के चलते पिछले 2 वर्षों से रुकी शराब दुकानों की नीलामी एक बार फिर से शुरू हो गई है। जहा शासन की नई शराब नीति के तहत शराब दुकानों को नीलाम करने के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी कर उसकी नीलामी की जा रही है।
जहां नीलाम हुई दुकानों में शासन की नई शराब नीति के तहत देशी और विदेशी मदिरा एक ही काउंटर से बेची जाएगी।ज्ञात हो कि 2022 के लिए शासन द्वारा विगत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जिसके तहत शासन द्वारा तय की गई दुकानों को दरों के उपर जो निविदाएं प्राप्त हुई उन दुकानों को स्वीकृति दे दी गई है जबकि जिन दुकानों की निलामी तय की गई दुकानों की दरों से भी कम होने के कारण ऐसी दुकानों की निलामी निरस्त कर दी गई थी। वही शासन के निर्देश प्राप्त होने के बाद उक्त दुकानों की निलामी के लिए 2 बार ऑनलाईन निविदाएं बुलाई गई थी। दोनों बार किसी भी ठेकेदार ने दुकान लेने में रुचि नही दिखाई।










































