डेंजर रोड की याचिका खारिज

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज)। वैनगंगा नदी गर्रा स्थित बड़े पुल से लेकर जंगल के रास्ते जागपुर घाट डेंजर रोड पर बायपास सड़क चौड़ीकरण के लिए लगाई गई याचिका को एनजीटी ने खारिज कर दिया गया है। इस दौरान यह दलील दी गई है कि जिला प्रशासन द्वारा पेड़ काटने की अनुमति पहले ही ले ली गई है। यही नहीं इस स्थान पर जिन पेड़ों की कटाई करना है उनमें कोई भी संरक्षित प्रजाति का पेड़ नहीं है।
दलील के आधार पर खारिज की गई याचिका
यही नहीं एनजीटी द्वारा यह भी दलील दी गई कि जिला प्रशासन द्वारा इस स्थान पर जितने पेड़ काटे जा रहे हैं उसके एवज में अन्य स्थानों पर इससे कहीं ज्यादा पेड़ लगाए जाने के लिए पूरी जानकारी पेश की गई है। पहले 750 पेड़ काटे जाने की अनुमति ली गई थी लेकिन आपत्ती लगाए जाने के बाद 450 फीट की स्वीकृति ली गई है । लगातार पेड़ों की संख्या कम की गई है। यही नहीं सड़क के चौड़ीकरण हो जाने से पर्यावरण को उतना अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा यह सब कुछ एनजीटी द्वारा खारिज की गई याचिका में लिखा गया है।
दलील में बहुत सी खामियों का किया गया था उल्लेख
इसके पूर्व एनजीटी में याचिका दर्ज करने वाले याचिकाकर्ता ने इस बात की दलील दी थी कि डेंजर रोड वैनगंगा नदी क्षेत्र के बेहद करीब है। बीते 2 वर्ष से आने वाली बाढ़ में यह सड़क पूरी तरह से डूब जाती है इस सड़क पर करोड़ों रुपया खर्च कर जो सड़क बनाई जाएगी वह किसी काम की नहीं रहेगी, हर साल बाढ़ के कारण सड़क डूब जाएगी और शासन के ऐसे ही करोड़ों रुपए खर्च हो जाएंगे। इसके बाद भी इस सड़क पर भारी वाहन का परिवहन करना इतना आसान नहीं है जितना जिला प्रशासन द्वारा बताया जा रहा है। डेंजर रोड शहर के भीतर से जाने वाला मार्ग है ना कि बाहर से। इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों लोग भ्रमण के लिए आते हैं यहां पर सड़क बन जाने से प्रदूषण स्तर बहुत अधिक बढ़ जाएगा जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
पर्यावरण सुरक्षा को लेकर लगाई गई थी याचिका – द्वारकानाथ चौधरी
याचिकाकर्ता द्वारकानाथ चौधरी ने बताया कि उनकी याचिका पर विचार नहीं किया गया। हालांकि एनजीटी द्वारा दिए गए आदेश पर वे कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन कहते हैं कि उनके द्वारा जो याचिका लगाई गई थी वह शहर के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर लगाई गई थी। पूर्व में कलेक्टर बालाघाट की अध्यक्षता में एसडीओ फॉरेस्ट और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड तथा उनकी उपस्थिति में डेंजर रोड का निरीक्षण किया गया था। उस निरीक्षण के आधार पर जो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था प्रतिवेदन में उल्लेखित कारणों को देखते हुए माननीय हरित न्यायाधिकरण ने याचिका को खारिज किया है। 30 तारीख को याचिका को खारिज करते हुए डेंजर रोड को बनाए जाने की अनुमति लगभग जारी कर दी गई है।

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