महाराष्ट्र के अमरावती में कैमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या तब्लीगी जमात के कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने की थी। NIA की चार्जशीट में इसका खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है कि उमेश की हत्या एक सोची समझी साजिश के तहत की गई थी। तब्लीगी आतंकियों ने उसका गला काटा था, ताकि लोगों के मन में डर पैदा किया जा सके।
केस की जांच कर रही NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि मर्डर के 11 आरोपी तब्लीगी जमात के इस्लामिक कट्टरपंथी थे। तब्लीगी जमात एक इंटरनेशनल देवबंदी इस्लामिक मिशनरी है, जो इस्लामिक मान्यताओं का सख्ती से पालन करने पर जोर देता है।
उमेश की हत्या 21 जून को की गई थी
अमरावती के उमेश कोल्हे (54) की 21 जून को काम से लौटते समय तीन हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। हमलावर भाजपा प्रवक्ता नूपुर के समर्थन में उमेश की व्हाट्सऐप पोस्ट से नाराज थे। नूपुर ने टेलीविजन शो में पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी। हमलावर कोल्हे का सिर धड़ से अलग करना चाहते थे, लेकिन उनके पीछे आ रहे बेटे-बहू के चिल्लाने पर वे भाग गए थे।
NIA की चार्जशीट में मास्टरमाइंड का जिक्र...
- NIA ने पिछले हफ्ते 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इसमें दावा किया गया है कि हत्या में शामिल हर व्यक्ति तब्लीगी जमात के जुड़ा था। इस केस के मास्टरमाइंड्स में से एक इरफान खान, जमात और उसके नियमों का सख्त अनुयायी था।
- हत्या का मास्टरमाइंड इरफान रायबर हेल्पलाइन नाम का एक NGO चलाता था और इससे 21 लोग जुड़े हुए थे। हत्याकांड में शामिल दूसरे आरोपी इसी NGO के मेंबर थे। सूत्रों के मुताबिक इस NGO को कुछ खाड़ी देशों और पाकिस्तान से फंडिंग हो रही थी।
- अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से कहा गया कि यह हत्या का एक साधारण मामला था, लेकिन NIA की चार्जशीट में कहा गया है कि अमरावती समेत देशभर के लोगों में आतंक पैदा करने के लिए यह सोची समझी साजिश थी।










































