तय लागत से अधिक पर बनेंगे सामुदायिक स्वच्छता परिसर

0

भोपाल: प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत नवीन सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण तय लागत से अधिक राशि पर करने के लिए सांसद, विधायक निधि और मनरेगा तथा सीएसआर की राशि का भी उपयोग किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने प्रदेश के चौबीस जिलों के कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक महात्मा गांधी राष्टÑीय रोजगार गारंटी योजना को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए है।स्वच्छ भारत मिशन पंद्रहवे वित्त आयोग व अन्य मदों की राशि के अभिसरण से सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की स्वीकृति के निर्देश विभाग ने पहले ही जारी किए थे। प्रदेश के चौबीस जिलों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की गति काफी धीमी है। इसके चलते इन सभी जिलों में अब सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण करने के लिए सांसद, विधायक निधि का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा व्यावसायिक संस्थानों द्वारा सीएसआर में जमा की जाने वाली राशि और मनरेगा की राशि का उपयोग कर अब स्वीकृत लागत से अधिक राशि का खर्च इन परिसरों पर किया जाएगा।

मनरेगा से करा सकेंगे 230 दिन काम
मनरेगा से सामुदायिक स्वच्छता परिसर में 230 दिन काम कराया जा सकेगा। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रदेश के 24 जिलों में नींव स्तर तक निर्माण के लिए 70 दिन, छत स्तर तक के निर्माण के लिए 100 दिन और परिसर पूर्ण करने के लिए 60 मानव दिवस का काम कराया जा सकेगा। सीएससी के निर्माण में जिन जिलों में मनरेगा से अकुशल श्रम की राशि के अभिशरण का प्रावधान नहीं किया गया है अथवा मजदूरी और सामग्री दोनो का प्रावधान कर लिया है ऐसे जिले तत्काल पुनरीक्षित स्वीकृति जारी कर केवल अकुशल श्रम की राशि का प्रावधान कर सकेंगे। श्रमिकों को भुगतान साप्ताहिक मस्टर रोल के आधार पर उपयंत्री के निर्माण स्तर के मूल्यांकन और सहायक यंत्री द्वारा सत्यापन के आधार पर जाबकार्डधारी मजदूरों के खाते में कराया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here