नगर मुख्यालय को सुव्यवस्थित एवं सुन्दर बनाने के लिए प्रशासन के द्वारा गत दिवस से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है। १८ जनवरी को हाई स्कूल वबस स्टैण्ड का अतिक्रमण को तोडऩे की कार्यवाही की गई थी और यह कार्यवाही दूसरे दिन यानि १९ जनवरी को जारी रही जिसमें बालाघाट-सिवनी मार्ग पर जिन लोगों ने पक्का व कच्चा अतिक्रमण किया था उससे जेसीबी मशीन से तोड़ा गया। वहीं प्रशासन की बुलडोजर को देखते हुए स्थानीयजनों ने स्वयं चिन्हित अतिक्रमण क्षेत्रके भूखण्ड को स्वयं तोड़कर प्रशासन का सहयोग किया। हाई स्कूल, बस स्टैण्ड व बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग के सर्राटी पुल से अहिंसा द्वार तक की गई अतिक्रमण कार्यवाही में किसी भी दुकानदार व स्थानीयजनों के द्वारा किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नही किया गया बल्कि सहयोग किया गया है जिससे यह कार्यवाही शांतिपूर्वक जारी रही। जिन लोगों का अतिक्रमण तोड़ा गया है उनके द्वारा शासन-प्रशासन से अन्य स्थानों पर विस्थापित करने की मांग शासन-प्रशासन से की गई है ताकि वे लोग अन्य स्थान पर दुकान का संचालन कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके।
यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग के सैन्ट्रल बैंक के सामने व अन्य स्थानों पर अतिक्रमण की कार्यवाही की गई। इसदौरान जेसीबी मशीन के माध्यम से बड़े-बड़े भूखण्डों को जमींदोज किया गया जिसका मलबा मेन रोड़ पर गिर रहा था इस दौरान किसी तरह का बड़ा हादसा घटित न हो इसलिए कुछ देर के लिए यातायात को बंद कर दिया गया था। जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई और आवागमन करने वालों को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
कार्यवाही को देखने लोगों का लगा लंबा हुजूम
प्रशासन के द्वारा चलाई जा रही है अतिक्रमण की कार्यवाही को देखने के लिए लोगों का हुजूम बड़ी संख्या में गुरुवार के दिन भी देखने को मिला जहां पर लोग बालाघाट सिवनी मार्ग पर बड़ी संख्या में दर्शक बनकर इस अतिक्रमण कार्यवाही को देखते नजर आये। वहीं कुछ लोग इस अतिक्रमण कार्यवाही में जिन दुकानदारों के द्वारा स्वयं अपना अतिक्रमण तोडऩे का कार्य किया जा रहा था उन्हे मदद करते हुए भी नजर आये।
चर्चा में तहसीलदार रामबाबू देवांगन ने बताया कि १८ जनवरी से हाई स्कूल, बस स्टैण्ड व हाईवे मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रारंभ हुई थी परन्तु शाम हो जाने के कारण हाईवे मार्ग का अतिक्रमण शेष रह गया था उक्त अतिक्रमण को १९ जनवरी को तोडऩे की कार्यवाही की गई है एवं कुछ लोग स्वयं चिन्हित स्थानों तक अपना अतिक्रमण को तोड़कर प्रशासन का सहयोग कर रहे है साथ ही यह भी बताया कि यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।










































