शहर के बजरंग घाट में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया, जब अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने आया एक 17 वर्षीय बालक नदी के अधिक पानी में जाने की वजह से बालक की मौत हो गई, वहीं घटना की जानकारी लगने के बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी, जहाँ पुलिस भी सूचना मिलते ही बजरंग घाट पहुंची , लेकिन रेस्क्यू टीम को सूचना देने के बावजूद भी कुछ घंटे तक रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची , जिसको लेकर परिजन भी टीम पर आक्रोशित हुए, इस घटना की जानकारी बालाघाट विधायक को लगी तो वह भी घटनास्थल पर पहुंची और परिजनों के इस दु:ख में उनके साथ खड़ी रही , परिजनों द्वारा रेस्क्यू टीम के लेट आने की जानकारी भी बालाघाट विधायक को दी गई, जिस पर बालाघाट विधायक द्वारा भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई , देर रात तक रेस्क्यू टीम मृतक युवक के शव को नदी में तलाश करती रही।
मिली जानकारी अनुसार नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 08 निवासी 17 वर्षीय विशाल पिता प्रकाश गायधने, बजरंगघाट में नहाने के दौरान, गहरे पानी में चले जाने से डूब गया। अपरान्ह 4 बजे की इस घटना के बाद रेस्क्यु अभियान में देरी के कारण, बालक का तलाशी अभियान शाम के बाद शुरू किया गया। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि नदी में डूबे बालक की तलाशी के लिए रेस्क्यु अभियान जारी है। पिता प्रकाश गायधने ने बताया कि वह सब्जी का धंधा करते है, दोपहर तक बेटा विशाल, दुकान में था। जिसके बाद वह घर जाता हुॅं कहकर निकला था। जिसके बाद, वह कब दोस्तो के साथ, यहां नहाने आया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। उसके साथ आए दोस्तो के परिजनों से मुझे यह जानकारी मिली। बताया जाता है कि लगभग 9 नाबालिग वार्ड क्रमांक 08 निवासी कैफ खान, शुभम कुशराम, रौनक चौधरी, दीपक ठाकरे, सौरभ सौरले, अजमल खान, मेहमान आए कोस्ते निवासी यश सहारे और सुरभी नगर मयूर गढ़पाले और विशाल गायधने साथ नहाने आए थे। सभी बालकों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है। जिन्होंने ही घटना की सूचना, अपने परिजनों को दी। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को मिली। बहरहाल अभी एसडीईआरएफ की टीम, रेस्क्यु अभियान चला रही है।
विशाल घर खाना खाने आया था – प्रकाश गायधने
जब हमारे द्वारा मृतक के पिता प्रकाश गायधने से घटना के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें उनके परिजनों द्वारा घटना की सूचना दी गई , तब उन्हें पता चला कि उनका बेटा अपने साथियों के साथ बजरंग घाट पर नहाने आया था, जबकि उनके बेटे द्वारा घर में इसकी सूचना नहीं दी गई थी और वह सब्जी विक्रय का कार्य करते हैं , हर दिन की तरह 4 मई को भी वह विशाल के साथ इतवारी बाजार में सब्जी विक्रय के लिए आए थे ,विशाल द्वारा 12:00 बजे खाना खाना है कह कर इतवारी बाजार से घर चला गया था, उसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने चले गया और यह घटना हो गई।
विधायक पहुची बजरंग घाट
जैसे ही बालक के नदी में डूबने की जानकारी बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे को लगी तो वह भी अपने साथियों के साथ बजरंग घाट में पहुंची और मृत परिवार के दु:ख में शामिल हुई , साथ ही परिजनों द्वारा बताया गया की रेस्क्यू टीम को बार-बार फोन करने के बाद भी वह बहुत लेट पहुंची, जिस पर बालाघाट विधायक द्वारा रेस्क्यू टीम के संबंधित अधिकारियों को देरी से आने के विषय को लेकर फटकार भी लगाई गई।
देर रात तक किया गया रेस्क्यू
परिजनों द्वारा बताया गया की घटना 4 मई के शाम 4:00 बजे घटित हुई , कुछ घंटे लेट पहुंची रेस्क्यू टीम ने देर शाम से रेस्क्यू अभियान बजरंग घाट में चलाया, किंतु देर रात तक भी रेस्क्यू टीम ने मृत युवक का शव नदी से रेस्क्यू नहीं कर पाया वही रेस्क्यू टीम के कुछ पदाधिकारी का कहना था कि वह दूसरे दिन पुनः सुबह नदी में रेस्क्यू अभियान चालू करेंगे।
इसके पहले भी हो चुकी है घटना
यहां पर घूमने आने वाले स्थानीय निवासी बताते हैं कि नदी में बच्चों के डूबने का यह पहला मामला नहीं है। बल्कि इसके पहले भी कुछ बच्चे नदी में नहाने के दौरान डूब चुके हैं । जबकि अभी एक महीने पहले ही एक बालक की नदी में डूबने के दौरान मौत हो गई थी । प्रतिवर्ष गर्मी के समय में यहां बालक घर से बिना बताये नदी में नहाने आते है और घटना होती है उन्होंने बताया कि यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से फेंसिंग लगा देनी चाहिए। प्रशासन को लगातार हो रही घटना को देखते हुए कोई कठोर कदम उठाना चाहिए ताकि इस प्रकार की घटना बार-बार ना घटे ।










































