वारासिवनी न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत ने शनिवार को जादू टोने के शक में हत्या करने के आरोप में दिलीप उइके और कलीम कुमरे का दोष सिद्ध होने पर उन्हें आजीवन कारावास और 5- 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना लालबर्रा अंतर्गत ग्राम बोरी टोला निवासी नागोजी बोपचे देवी मंदिर के पास झोपड़ी बनाकर वहां पर साइकिल सुधारने का काम करता था।
कोमल मडावी के खेत में 23 नवंबर 2019 कि सुबह मृत अवस्था में शव मिला था। जिसकी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। जिसमें पुलिस के द्वारा भादवि की धारा 302 120 बी 34 के तहत अपराध दर्ज कर हत्या के आरोप में दिलीप उइके उम्र 40 वर्ष निवासी बोरी टोला लालबर्रा कलीम कुमरे उम्र 32 वर्ष आमाटोला कासपुर निवासी एवं पूनम भगत 28 वर्ष आमाटोला कानपुर निवासी को हत्या के शक में गिरफ्तार किया गया था।
बोरीटोला लालबर्रा निवासी दिलीप उइके उम्र 40 वर्ष की बेटी की तबीयत बहुत दिनों से खराब थी जिसमें दिलीप का शक था कि गांव के नागोजी बोपचे के द्वारा उसकी बेटी को जादू टोना किया गया है जिसके कारण उसकी बेटी की तबीयत खराब है।
जिसके चलते दिलीप उइके अपने दो साथियों के साथ मिलकर नागोजी बोपचे की हत्या की है।
उक्त मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक राजेंद्र कोहाड़ के द्वारा पैरवी की गई।










































