शहर के वार्ड नंबर 11 बूढ़ी में आज उस समय सनसनी फैल गई जब दो सगी बहनों ने अपने घर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। खबर फैलते ही मौके पर लोगों का हुजूम लग गया। सूचना मिलती कोतवाली पुलिस ने रीता पिता महारुलाल कारसरपे 39 वर्ष और उसकी छोटी बहन संगीता 35 वर्ष की घर की किचन में साड़ी के फंदे में लटकी लाश बरामद की।
दोनों बहनों ने किस वजह से फांसी लगाई अभी पूर्ण रुप से स्पष्ट नहीं हो पाया है। किंतु मां की मौत के मानसिक तनाव में आकर दोनों बहनों द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 11 बूढ़ी निवासी संगीता और रीता कारसरपे के दो बड़े भाई हैं जिनमें बड़ा भाई अनिल कारसरपे अपने परिवार के साथ रायपुर में रह कर कर प्राइवेट जॉब करता है। छोटा भाई सुनील कारसरपे बैतूल में विद्युत विभाग में सब इंजीनियर है। जिसकी पिछले वर्ष की शादी हुई है। बताया गया है कि संगीता और गीता अपनी मां के साथ रहती थी। पिता महारुलाल कारसरपे का 3 वर्ष पहले ही देहांत हुआ है। पिता के देहांत होने के बाद संगीता और गीता मां के साथ ही रहती थी और घर में ही ब्यूटी पार्लर के अलावा सिलाई कढ़ाई का काम करती थी।
हाल ही में लॉकडाउन के चलते बड़ा भाई अनिल भी परिवार के साथ घर लौट गया था और सभी लोग साथ ही में रहते थे। पिछले माह अप्रैल में मां का देहांत हुआ था। जिसके बाद संगीता और रीता मानसिक तनाव में चल रही थी।
3 जून को दोनों बहने और भाई अनिल ने खाना खाए और सो गए थे। 4 जून को सुबह तीनों उठे घर की स्थिति पूरी सामान्य थी। 10 बजे करीब अनिल नहाने के लिए ऊपर गया था। उस समय संगीता और गीता दोनों घर में ही थी। 11 बजे करीब जब अनिल नहाकर कर नीचे आया दोनों बहने रूम में नहीं थी। किचन में देखने पर दोनों बहने किचन की छत पर लगे हुक में साड़ी के फंदे में फांसी पर लटकी हुई थी दोनों बहनों को फांसी पर एक साथ लड़के देख अनिल चिल्लाते हुए बाहर आया और मोहल्ले पड़ोस में बताया। दोनों बहनों के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की जाने की खबर मिलते ही इस मोहल्ले में सनसनी फैल गई और लोगों का हुजूम लग गया।










































