नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत प्रकरण में जांच शरू, सीएमओ से मांगा गया प्रतिवेदन

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नगर पालिका बालाघाट की अध्यक्ष के खिलाफ की गई अनियमितता की शिकायत के मामले में जांच प्रक्रिया अब गति पकड़ रही है। गठित जांच समिति ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की निर्धारित समय-सीमा जल्द ही समाप्त होने वाली है। समिति ने मामले से जुड़े दस्तावेज और अभिलेख भी तलब किए हैं, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच की जा सके। जांच समिति के एक सदस्य ने स्पष्ट किया है कि प्रतिवेदन प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। इसके तहत संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा।

नगर पालिका बालाघाट की अध्यक्ष भारती सुरजीत ठाकुर के खिलाफ दायर शिकायतों के मामले में न्यायालय के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। डीजल प्रकरण सहित तीन से चार अन्य मामलों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए उन्हीं की पार्टी के कुछ पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधियों ने न्यायालय की शरण ली थी। शिकायतकर्ताओं में भारतीय जनता पार्टी के दो वरिष्ठ पदाधिकारी, सत्ता पक्ष के पार्षद राज हरिनखेड़े और सुधीर चिले, साथ ही पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन और केवल सोनेकर शामिल हैं। इन शिकायतों पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने याचिका स्वीकार कर राज्य सरकार को 90 दिनों के भीतर जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने एक अध्यक्ष एवं दो सदस्यों की जांच समिति गठित की है, जिसे 15 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है। जांच समिति के सदस्य एवं शहरी परियोजना अधिकारी बालाघाट राहुल नायक ने दूरभाष पर चर्चा में पुष्टि की कि उन्हें समिति में सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जबलपुर संभाग के आयुक्त परमेश जलोटे इस जांच समिति के अध्यक्ष हैं और उनके मार्गदर्शन में जांच प्रारंभ कर दी गई है। राहुल नायक ने बताया कि तीन से चार दिन पूर्व नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी बी.डी कतरोलिया से पूरे मामले में विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया है। इसके लिए उन्हें चार दिन की समय-सीमा दी गई है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण होने वाली है। प्रतिवेदन प्राप्त होते ही शिकायतकर्ताओं और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। मामले को लेकर नगर पालिका के राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की कार्रवाई और आगामी निष्कर्षों पर टिकी हैं।

नपा.के अन्य प्रकरण शामिल नहीं होंगे

नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत ठाकुर के खिलाफ चल रही जांच को लेकर नया मोड़ सामने आया है। जांच समिति के सदस्य एवं परियोजना अधिकारी राहुल नायक ने स्पष्ट कर दिया है कि समिति केवल उन्हीं मामलों की जांच करेगी, जो न्यायालय में याचिका के माध्यम से प्रस्तुत किए गए हैं। बीते दिनों याचिकाकर्ता सुधीर चिले द्वारा यह कहा जा रहा था कि वे न्यायालय में दर्ज प्रकरणों के अतिरिक्त कुछ पुराने मामलों को भी जांच में शामिल कराने की मांग करेंगे। राहुल नायक ने साफ किया कि समिति का कार्यक्षेत्र न्यायालय के आदेश तक सीमित है और अन्य मामलों को इस जांच में सम्मिलित नहीं किया जाएगा।

हमें सूचना नहीं दी जा रही हैं

इधर वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद एवं शिकायतकर्ता सुधीर चिले ने दूरभाष पर चर्चा में कहा कि जांच समिति ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है, लेकिन अब तक याचिकाकर्ताओं को न तो औपचारिक सूचना दी गई है और न ही किसी प्रकार का संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और उन्हें पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया, तो वे पुनः इन्हीं मामलों को लेकर डबल बेंच में न्यायालय की शरण लेंगे। उनका कहना है कि शिकायतकर्ताओं को जांच की प्रगति से अवगत कराना आवश्यक है, अन्यथा इससे संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है।

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