बालाघाट जिले के भीतर कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश शासन द्वारा गरीबों को मुफ्त में इलाज करवाए जाने के लिए बनवाए गए आयुष्मान कार्ड कोविड काल मे बेकाम के साबित हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह सरकारी अस्पताल में कोविड के लिए मरीजो की बढ़ती संख्या की वजह से व्यवस्थाएं काफी नहीं है। और निजी अस्पतालों ने आयुष्मान कार्डधारियों को लाभ दिलाने के लिए शासन से कोविड पैकेज नहीं लिया है।
नतीजा जिले की 6 लाख 42 हजार 3 सौ 28 आयुष्मान कार्ड धारियों के लिए कोरोना संक्रमण के दौरान निजी अस्पतालों के मुफ्त में इलाज के दरवाजे पूरी तरह से बंद है।
आपको बता दें कि शहर के निदान फैक्चर अस्पताल, समाधान फैक्चर अस्पताल और आयुष्मान अस्पताल में आयुष्मान योजना के लिए पंजीकृत है लेकिन कोविड- के इलाज के लिए इन तीनों अस्पतालों ने सरकार से कोई पैकेज नहीं लिया।
दूसरे निजी अस्पतालों में कोविड-का इलाज करवाया जा रहा है लेकिन वहां आयुष्मान योजना से कोई लेना-देना नहीं है।
इस विषय पर जब हमने शहर के स्लम एरिया में ऐसे लोगों से चर्चा की जो आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बीते दिनों परेशान रहे। या ऐसे लोग जो कार्ड बनवा चुके हैं बावजूद इसके उन्हें शासन की योजनाओं के विषय में जानकारी नहीं है।
वहीं दूसरी और आयुष्मान योजना के जिला प्रभारी बताते हैं कि पंद्रह सौ बीमारी के लिए आयुष्मान कार्ड वैलिड है और इन बीमारियों में हितग्राहियों को मुफ्त में इलाज देने की योजना है। जिसके लिए जिले के 3 अस्पताल अधिकृत किए गए हैं लेकिन बड़ी विडंबना यह है कि वर्तमान समय में तीनों अस्पताल में कोविड से संबंधित कोई इलाज नहीं हो रहा है।










































