निफ्टी 776 और सेंसेक्स 2497 अंक टूटे, ₹13 लाख करोड़ स्वाहा, 5 वजहों से आई तबाही

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Why Share Market Crash Today (आज बाजार में गिरावट क्यों आई)। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 19 मार्च को बड़ी तबाही देखने को मिली। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 3 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुए हैं। इंट्रा डे में निफ्टी जहां 847 अंक तक फिसल गया। वहीं, सेंसेक्स 2753 अंक तक गिर गया। निफ्टी का इंट्रा डे लो 22,930.35 रहा, जबकि सेंसेक्स 73,950.95 तक फिसल गया।

कैसा रहा सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

निफ्टी 3.26% टूटकर 775.65 अंक नीचे 23,002.15 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 2496.89 टूटकर 3.26% नीचे 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक लाल निशान में बंद हुए। जबकि, निफ्टी में ONGC 1.55 फीसदी की तेजी के साथ एक मात्र स्टॉक रहा, जो हरे निशान में बंद हुआ। वहीं, मार्केट ब्रेड्थ के लिहाज से देखें, तो NSE पर कुल 3,306 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हुई। इनमें से सिर्फ 532 स्टॉक हरे निशान में बंद हुए, जबकि 2,679 लाल निशान में बंद हुए।

13 लाख करोड़ साफ

सिर्फ एक दिन में शेयर बाजार में भारी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त सेंध लगी है। BSE का कुल मार्केट कैप करीब ₹4.39 लाख करोड़ करोड़ से घटकर ₹4.26 लाख करोड़ करोड़ के स्तर पर आ गया, जिससे लगभग ₹13 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो गई। यह गिरावट बताती है कि ग्लोबल दबाव, क्रूड की तेजी और फेड के सख्त रुख के चलते बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली और निवेशकों को एक ही दिन में बड़ा झटका लगा।

सेक्टोरल मार्केट में चौतरफा तबाही

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का असर सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेक्टोरल और ब्रॉड मार्केट दोनों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, फाइनेंशियल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर रहा, जहां निफ्टी ऑटो करीब 3.88%, फाइनेंशियल सर्विसेज 3.39% और फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक 3.68% तक टूटे। बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी बनी रही, निफ्टी बैंक करीब 3% और प्राइवेट बैंक 3.02% गिरा, जबकि रियल्टी और IT सेक्टर भी 3% के आसपास फिसले।

ब्रॉड मार्केट भी हुआ लाल

ब्रॉड मार्केट की बात करें तो यहां भी गिरावट पूरी तरह फैली हुई दिखी। निफ्टी 100, 200 और 500 सभी करीब 2.8% तक टूटे, जो लार्जकैप से लेकर पूरे बाजार में दबाव को दिखाता है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी नहीं बचे, जहां निफ्टी मिडकैप 100 करीब 2.92% और स्मॉलकैप 100 करीब 2.73% गिरा। निफ्टी मिडकैप 50 और मिडस्मॉलकैप 400 में भी करीब 2.7% से ज्यादा की गिरावट रही, जिससे साफ है कि बाजार में यह गिरावट पूरी तरह ब्रॉड-बेस्ड रही और निवेशकों ने हर सेगमेंट में बिकवाली की।

इन पांच वजहों से आई गिरावट

  1. बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई बड़े ट्रिगर्स एक साथ काम कर रहे हैं, जिनमें सबसे अहम क्रूड ऑयल की तेजी रही। Brent Crude 8% तक उछलकर $110–116 प्रति बैरल के दायरे में पहुंच गया, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए बड़ा निगेटिव फैक्टर है क्योंकि इससे महंगाई और मैक्रो इकोनॉमिक दबाव बढ़ता है।
  2. दूसरा बड़ा कारण ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत रहे, जहां अमेरिकी बाजार पहले ही भारी गिरावट के साथ बंद हुए और एशियाई बाजारों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ गया।
  3. तीसरी वजह लगातार FII बिकवाली है, जहां विदेशी निवेशकों ने ₹2,700 करोड़ से ज्यादा की इक्विटी बेच दी, जो साफ तौर पर ‘risk-off’ सेंटिमेंट और कैपिटल आउटफ्लो को दर्शाता है।
  4. चौथा बड़ा ट्रिगर India VIX में तेज उछाल है, जो 20% से ज्यादा बढ़कर 22–23 के स्तर पर पहुंच गया, यह संकेत देता है कि बाजार में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है और शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी ऊंची रह सकती है।
  5. पांचवां और अहम फैक्टर अमेरिकी फेड का सख्त रुख है, जहां ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखते हुए भी ऊंची महंगाई और अनिश्चितता के चलते दरों में कटौती की गुंजाइश कम बताई गई है, जिससे उभरते बाजारों जैसे भारत से पैसा निकलने का दबाव बढ़ता है।

निवेशकों में घबराहट बढ़ी

आज बाजार में गिरावट के साथ वोलैटिलिटी में तेज उछाल देखने को मिला है। India VIX बढ़कर 22.80 पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद 18.72 के मुकाबले +4.08 अंक यानी 21.79% की तेज बढ़त दर्शाता है। यह साफ संकेत है कि बाजार में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है और मौजूदा माहौल में शॉर्ट टर्म में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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