जिस प्रकार से आज के इस आधुनिक दुनिया में हम ऑनलाइन सुविधाओं की ओर आगे बढ़ रहे हैं तो उतना ही इस आधुनिकरण के समय में साइबर ठगों के द्वारा इस ऑनलाइन सुविधा एवं आधुनिकरण का फायदा उठाते हुए आमजन मानस की गाढ़ी कमाई को साइबर ठगी के माध्यम से पल भर में ही बैंक खातों से राशि को ठग लिया जा रहा है ऐसा ही तीन मामले बालाघाट कोतवाली के साइबर सेल में आए हैं जहां पर साइबर अपराध के द्वारा अनजान कॉल पर विश्वास करते हुए लिंक क्लिक कर खाते से राशि कट ली गयी है
आप को बतादे की एक व्यक्ति के खाते से पलभर में एक लाख 30 हजार 999 रुपए पार हो गए। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक बालाघाट मुख्यालय का है, जिसने साइबर नोडल शाखा में खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। साइबर टीम ने संबंधित बैंक से संपर्क कर लेन-देन की विस्तृत जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा साइबर नोडल शाखा में गुरुवार को इसी तरह के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिसमें ठगों ने पीड़ितों को अपना परिचित बताकर विश्वास जीता और फोन-पे, गूगल-पे जैसे माध्यमों से करीब 55 हजार रुपए की ठगी कर दी।
जिसमें युवक द्वारा बालाघाट कोतवाली साइबर नोडल शाखा में अपनी शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि उसे दो दिन पहले मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमें उसके एसबीआइ नेटबैंकिंग का अकाउंट एक्सपायर होने की जानकारी दी गयी और कहा गया की उसे उक्त नंबर पर संपर्क करने पर उसे जल्द अपना अाधार कार्ड व एटीएम कार्ड अपडेट करने कहा गया।
इसके लिए उसे मैसेज में एक लिंक भेजी गई, जिस पर पीड़ित ने क्लिक कर आधार व पैन कार्ड अपडेट किया। साथ ही बैंक खाता क्रमांक दर्ज कर दिया। कुछ देर बाद एक बार के ही ट्रांजेक्शन में पीड़ित के बैंक खाते से एक लाख 30 हजार 999 रुपए पार हो गए और युवक का खाता खाली हो गया।
एक दिन में तीन पीड़ितों से 55 हजार की ठगी –
इसी तरह साइबर नाेडल शाखा में शुक्रवार को एक साथ तीन पीड़ितों ने अपने साथ आनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तीनों पीड़ित जिले की अलग-अलग तहसीलों के हैं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्हें अनजान नंबर से काल आया, जो खुद को अपना परिचित बता रहा था। ठग ने पहले पीड़ितों को उनके परिचितों व रिश्तेदारों के नाम बताकर विश्वास जीता। फिर पैसे ट्रांसफर न होने का बहाना बताकर पीड़ितों के बैंक खाता नंबर पूछा। इसके बाद फोन-पे व गूगल-पे पर लिंक भेजी, जिस पर क्लिक करने के बाद पीड़ितों ने अनजाने में अपना यूपीआइ पिन दर्ज कर दिया और उनके खातों से पैसे कट गए।
जब उन्हें इस बात की जानकारी लगी कि उनके खाते से इस प्रकार प्रकिया करने से उनके खाते से पैसे कट गए हैं तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ऑनलाइन ठगी हुई है जिस पर उन्होंने साइबर नोडल शाखा से संपर्क किया और वहां पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिस पर कोतवाली साइबर नोडल शाखा द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए आवेदन लेकर खाते को फोल्ड करने जैसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है
आवेदन लेकर कार्यवाही की जा रही है- कमल सिंह गेहलोत
इस पूरे मामले को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत द्वारा दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया गया कि अलग-अलग तहसीलों से कुछ युवकों के द्वारा ऑनलाइन ठगी के आवेदन दिये गये है जिस पर साइबर नोडल शाखा द्वारा त्वरित आवेदन लेकर कार्यवाही की जा रही है एवं उन्होंने आमजन से यह अपील की गई है कि किसी भी फेक कॉल और आए हुए मोबाइल पर लिंक को बिना सोचे समझे न उठाये और किसी को भी यूपीआई पिन शेयर ना करें क्योंकि अधिकतर जिले में ऑनलाइन ठगों द्वारा इस प्रकार की प्रक्रिया कर लोगों के खातों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है इसलिए जितना हो सके इन सब प्रक्रियाओं सतर्क और सावधान रहे










































