नौ माह में भी पूर्ण नहीं हो पाया स्कूल का मरम्मतीकरण का कार्य

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किरनापुर(पद्मेश न्यूज)। तहसील मुख्यालय मे संचालित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय किरनापुर जो कि प्राचीन धरोहर के रूप में जाना जाता है। जिसकी छत जीर्णशीर्ण होने के कारण पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष सूश्री हिना कावरे द्वारा स्कूल की छत एवं जीर्णशीर्ण कार्य के लिए गौण खनिज मद द्वारा 39 लाख रूपे की राशि स्वीकृत कराई गई थी। किन्तु नौ माह बीत जाने के उपरांत भी ठेकेदारों द्वारा अत्यंत ही धीमी गति से कार्य किए जाने के चलते इस विद्यालय का मरम्मतीकरण का कार्य पूर्ण नही हो पाया है।बतादे कि ठेकेदारों द्वारा स्कूल भवन का मरम्मतीकरण कार्य करने छत हटाई गई थी जो पूरी गर्मी एवं बारिश का मौसम बीत जाने के बाद भी पूरी तरह से नही लगाई जा सकी।एक तरफ भवन की पुरानी दीवारों पर बारिश का पानी गिरने से भीतर तक भीगकर कमजोर हो चुकी है। एवं वर्तमान समय में शासन के निर्देशों पर शिक्षा सत्र प्रारंभ करवाया जा चुका है और यहां आलम यह है कि स्कूल का पूरा फर्नीचर बरामदों मे अस्त-व्यस्त हालत मे बिखरा पड़ा बारिश के पानी मे भीग रहा है। विदित हो कि स्कूल के मरम्मत के कार्य के लिए तीन चरणों मे कुल 39.45 लाख रूपये की राशि स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ करवाया गया था।किरनापुर का उत्कृष्ट स्कूल की एक जिले में अपनी विशिष्टि नाम से जाना एवं पहचाना जाता है। ऐसे स्कूल की पहचान बनाने के लिए सुश्री हिना कावरे विधायक लांजी किरनापुर द्वारा 40 लाख रूपयें की स्वीकृती दी गई थी जिसमें क्षेत्र के छात्र-छात्रायें एक सुंदर भवन में अध्ययन कर सके।बतादे कि यहां लगभग 1400 से 1500 छात्र-छात्रायें अध्ययन करते है जिसमें उक्त कार्य को गुणवत्ता पूर्वक एवं समय सीमा पर करने की अपील की गयी है।जबकि अत्यधिक धीमी गति से चले रहे मरम्मत कार्य पर यहां काफी असुविधाओं से जुझना पड़ रहा है।
कही नई खिड़की दरवाजे तो कई दीमक युक्त पुरानों पर ही कर दिया रंगरोगन
उल्लेखनीय है कि स्कूल की मरम्मत कार्य मे ठेकेदार द्वारा कही-कही नवीन खिड़की दरवाजे लगाये गये है तो कही-कही पुराने दीमक लगे खिड़की दरवाजों पर पर रंगरोगन कर उपयोग मे लेने का काम करते हुए कार्य मे लीपापोती की जा रही है।वही बरामदों मे पुरानी लकड़ी के राफ्टरों पर पेंट कर उसे नया बनाने का प्रयास किया गया है।
पुराने लकड़ी के राफ्टरों को जोड़कर ले रहे उपयोग
बतादे कि ठेकेदारों द्वारा कार्य मे भवन के कमरों मे छत लगाने के लिए कही लोहे के एंगल लगाये गये है तो कही-कही पर उक्त कार्य के दौरान पुरानी लकडिय़ों के रॉफ्टरों को जिनमें कही पर दो-दो एवं तीन-तीन लकडिय़ों को जोड़कर ही बनाकर तैयार कर लिया गया है और उस पुरानी लकड़ी का ही उपयोग कर लीपापोती की जा रही है।
जिम्मेदारों द्वारा नही दिया जा रहा ध्यान

इस कार्य के संबंध मे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों ने पूरी तरह से मौन साध लिया है तो अब तक कार्य का भी निरीक्षण किसी के जिम्मेदारों द्वारा नही किए जाने से ठेकेदार द्वारा अपनी मनमर्जी से कार्य करते हुए स्तरहीन कार्य किया जा रहा है।संभवत: कुछ ही समय मे स्वत: ही कार्य की गुणवत्ता की हकीकत सामने आ जाएगी।बहरहाल किरनापुर मे शिक्षा के भविष्य को संजोये रखने जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान देना बेहद ही आवश्यक है।
इनका कहना है

कोविड 19 के चलते कार्य लगभग दो माह बंद रहने के कारण कार्य की गति मे पूर्णत: विलम्ब हो रहा है।हमारे द्वारा कार्य करने वालों एवं संबंधित एजेंसी को कार्य जल्द पूर्ण करवाने के लिए बोला गया है।
अनिता तारन,प्राचार्य
शास.उत्कृष्ट विद्यालय किरनापुर

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